SIR के बाद 12 राज्यों में हटाए गए 5 करोड़ फर्जी नाम, चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
क्या बदलाव हुआ?

देश में चुनावी प्रक्रिया को साफ और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है. हाल ही में किए गए विशेष पुनरीक्षण अभियान(SIR) के तहत 12 राज्यों में करीब 5 करोड़ ऐसे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जो या तो अयोग्य थे या फिर फर्जी पाए गए. चुनाव आयोग ने जो SIR करवाया, उसका मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलत या डुप्लीकेट नामों को हटाना था. आयोग के मुताबिक, कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम अलग-अलग जगहों पर दर्ज थे, जबकि कुछ लोग ऐसे भी थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उनका नाम अब भी सूची में शामिल था.
क्या बदलाव हुआ?
इस अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने घर-घर जाकर वैरिफिकेशन किया. इसके साथ ही डिजिटल डेटा और आधार से जुड़े रिकॉर्ड्स का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि मतदाता सूची को ज्यादा सटीक बनाया जा सके. आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया में लाखों नए योग्य मतदाताओं के नाम भी जोड़े गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से चुनाव में गड़बड़ी की संभावना कम होगी और फर्जी मतदान पर रोक लगेगी. ये कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि साफ-सुथरी मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की नींव होती है







