एमपी विधानसभा के बाहर कांग्रेस का अर्थी प्रदर्शन, सड़क से सदन तक उग्र हुआ यूसीसी व बेरोजगारी पर संग्राम; अनुपूरक बजट पेश, देखे वीडियो

एमपी विधानसभा के बाहर कांग्रेस का अर्थी प्रदर्शन, सड़क से सदन तक उग्र हुआ यूसीसी व बेरोजगारी पर संग्राम; अनुपूरक बजट पेश, देखे वीडियो
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सड़क से लेकर सदन तक जबर्दस्त राजनीतिक घमासान देखने को मिला। एक तरफ सरकार ने सदन के पटल पर बहुचर्चित समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 और वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए विधानसभा परिसर के बाहर प्रतीकात्मक अर्थी रखकर उग्र प्रदर्शन किया।
मुर्दों की तरह सोई है सरकार: कांग्रेस का तीखा हमला
विधानसभा परिसर के बाहर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में जुटे बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने सरकार की प्रतीकात्मक अर्थी रखकर विरोध जताया और आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी की लचर व्यवस्था, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। कार्यकर्ताओं ने मुर्दों की तरह हो गई है सरकार जैसे तीखे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा, आरएसएस और एबीवीपी को लेकर भी जमकर नारेबाजी हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल काफी गर्मा गया। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के बीच कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों, युवाओं और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को सड़क से सदन तक और तेज किया जाएगा।
यूसीसी बिल पर घेरा, असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार जान-बूझकर समान नागरिक संहिता जैसे विवादित विषयों को आगे ला रही है, ताकि किसान, युवा और आम जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके। वहीं सदन के भीतर यूसीसी बिल पर चर्चा के दौरान भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी और घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि प्रदेश के 10 लाख से अधिक नागरिकों ने यूसीसी के समर्थन में अपनी राय दी है। यह किसी दल का एजेंडा नहीं बल्कि जनता की मांग है और इसे राज्य में लागू करके ही रहा जाएगा। चर्चा के दौरान नीमच से भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार के एक बयान पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया, जिससे सदन में गहमा-गहमी और बढ़ गई।
अनुपूरक बजट व 8 अहम विधेयक पेश
सदन में हंगामे और गहमा-गहमी के बीच वित्त विभाग ने वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सरकार ने आठ प्रमुख विधेयकों को पटल पर रखा, जिनमें समान नागरिक संहिता विधेयक-2026, मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026, धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026, कार्यस्थल सशक्तिकरण (श्रम शक्ति) संहिता विधेयक-2026, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026, राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026, उपकर (संशोधन) विधेयक-2026 और वैट (संशोधन) विधेयक-2026 शामिल हैं।

पेयजल पर सर्वदलीय बैठक और अनोखा रूप
सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि प्रदेश में पेयजल संकट के स्थायी समाधान और योजनाओं की समीक्षा के लिए जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। वहीं जबलपुर उत्तर-मध्य से भाजपा विधायक अभिलाष पांडे अनोखे अंदाज में फायरमैन के गेटअप में विधानसभा पहुंचे, जो परिसर में चर्चा और आकर्षण का केंद्र बने रहे।







