
नई दिल्ली,यशभारत। 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए समर्थकों, विशेषकर छात्राओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि जिन लड़कियों को कथित तौर पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने पीटा, उन्हें वह सुरक्षित नहीं रख सके और इसके लिए उन्होंने खेद व्यक्त किया। दीपके ने लिखा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से समर्थकों को बचाने के लिए वह और बेहतर प्रयास कर सकते थे। उन्होंने घायल प्रदर्शनकारियों से सीधे संपर्क करने की अपील करते हुए कहा कि वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से माफी देना चाहते हैं।
दीपके ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने छात्रों के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करने को प्राथमिकता दी। उन्होंने दावा किया कि सरकार छात्रों की मौतों और परीक्षा संबंधी विवादों पर जवाबदेही से बच रही है।
उधर, एनडीए सांसदों की बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई की और मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।







