गुप्तचर ऐप से वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर फोकस, सीक्रेट एजेंट बनकर वन विभाग को सूचनाएं देेंगे ग्रामीण, पहचान रहेगी गोपनी, वन्य प्राणियों के शिकार की घटनाओं पर रोकथाम के लिए नई कवायद

कटनी, यशभारत। जंगलों में वन्य प्राणियों के शिकार की लगातार बढ़ रही घटनाओं पर रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार के वन विभाग ने अब एक नई पहल की है। वन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वन विभाग ने गुप्तचर ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से स्थानीय नागरिक स्वयं को गुप्तचर के रूप में पंजीकृत कर वन संरक्षण अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। खास बात यह है कि ऐप की पंजीकरण प्रक्रिया, सरल, सहज और यूजर फ्रेंडली बनाई गई है। इससे अधिक से अधिक ग्रामीण ऐप से आसानी से जुड़ सकेंगे। पंजीकरण के साथ ही प्रत्येक उपयोगकर्ता को एक विशिष्ट गुप्तचर आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी पहचान पूर्णत: गोपनीय बनी रहेगी। वन मंडल अधिकारी गर्वित गंगवार ने जानकारी देते हुए बताया कि कटनी जिले में भी गुप्तचर ऐप को लेकर काम चल रहा है। इस ऐप के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोडक़र वन्य प्राणी संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की जाएगी। ऐप में वन विभाग के अधिकारियों, रेंज अधिकारी आरओ, से वन मंडल अधिकारी डीएफओ के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। आवश्यकता पडऩे पर उपयोगकर्ता सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर वन अपराधों की जानकारी साझा कर सकते हैं।
सुरक्षा में सभी की भागीदारी
गुप्तचर ऐप एक प्रभावी पारदर्शी और सहभागी तंत्र के रूप में वन संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करेगा तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में स्थानीय समुदाय की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। यह ऐप विशेष रूप से वनमंडल के अंतर्गत वन क्षेत्रों के आसपास निवास करने वाले ग्रामीणों की वन सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।
सूचनाओं पर होगी त्वरित कार्रवाई
ऐप के माध्यम से पंजीकृत गुप्तचर वन अपराधों से संबंधित सूचनाएं तत्काल वन विभाग तक पहुंचा सकते हैं। रिपोर्टिंग प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाने के लिए ऐप में एक सुव्यवस्थित ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध कराई गई है, जिसमें अवैध वृक्ष कटाई, वन्य जीव शिकार, अतिक्रमण, आगजनी और अन्य वन अपराधों की श्रेणियां शामिल हैं। इससे प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित और सटीक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
इनका कहना है
कटनी में भी गुप्चतर एप को लेकर काम चल रहा है। राज्य सरकार के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इससे जोडक़र वन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए प्रयास किए जाएंगे। इससे विभाग को काफी मदद मिलेगी।
-गर्वित गंगवार, डीएफओ






