भोपाल

पुलिस खंगाल रही जीआरपी आरक्षक की कुंडली

पुलिस खंगाल रही जीआरपी आरक्षक की कुंडली
– अर्चना के बयान के मुताबिक राम तोमर करता था परेशान, टिकट कराई थी बुक
यशभारत भोपल । रानी कमलापति से 7 अगस्त के लापता हुई कटनी निवासी अर्चना तिवारी के मामले को जीआरपी अमले ने सुलझा लिया है, लेकिन पूरे में एक किरदार ऐसा भी है जिसे लेकर अब भी रहस्य बना हुआ है। ग्वालियर के भंवरपुर में तैनात जीआरपी आरक्षक राम तोमर को क्लिनचिट मिलने के बाद भी कई सवाल खड़े हुए हैं। जिनके जवाब खोजने के लिए ग्वालियर पुलिस तोमर की कुंडली खंगालने में जुटी हुई है। दरअसल अर्चना की खोजबीन के दौरान तोमर के मकान से कई तरह की आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई थीं। अर्चना ने मिलने के बाद यह बताया था कि राम तोमर से कभी नहीं मिली , लेकिन वह उसे अक्सर परेशान करता था। फोन करता था और मिलने के लिए भी कहता था। अर्चना ने अपने बयान में यह भी बताया है कि राम तोमर ने उसके लिए तीन से चार बार ट्रेन की टिकट भी कराई थी, लेकिन वह कभी उसकी टिकट पर यात्रा नहीं की। एक केस के सिलसिले में उसने बात की थी, तभी से फोन करता रहता था।
पुलिस कर चुकी है जांच
ग्वालियर पुलिस ने राम तोमर और अर्चना तिवारी को लेकर जांच पूरी कर चुकी है। वहीं अब उसकी कुंडली निकाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसकी गतिविधियां क्या क्या रही हैं। सोशल मीडिया आकाउंट से भी कई तरह की जानकारी मिली है। अर्चना तिवारी मिसिंग केस में राम तोमर ही अहम कड़ी था जिसके सामने आने के बाद मामले की जांच तेज हुई है। राम ने अर्चना की टिकट ग्वालियर तक की कराई थी , जिसके बाद यह राम तोमर और अर्चना का कनेक्शन सामने आया था।
जीआरपी ने दी क्लिन चिट
रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने कहा है कि राम तोमर का अर्चना की गुमशुदगी मामले से कोई संबंध नहीं था। अर्चना ने जो बयान दिए थे उसके अनुसार राम उसे परेशान करता था, लेकिन वह कभी मिली नहीं थी। अर्चना के बयान के आधार पर राम के बयान लिए गए।
यह है अर्चना तिवारी की गुमशुदगी मामला
पेशे से अधिवक्ता अर्चना तिवारी इंदौर में जज की पढ़ाई कर रही है। रक्षाबंधन मनाने के लिए वह अपने घर के लिए निकली थी। 7 अगस्त को जब रानी कमलपाति स्टेशन पर आई तो उसके बाद वहां से गायब हो गई। अर्चना की गुमशुदगी रिपोर्ट परिजनों ने कटनी जीआरपी में दर्ज कराई जिसके बाद केस डायरी जांच के लिए जीआरपी भोपाल में भेज दिया गया। मामले की जांच का जिम्मा एसआरपी राहुल लोढ़ा ने खुद संभाला। अलग अलग टीमों को गठित कर अर्चना की खोज में लगाया गया। भोपाल से लेकर नर्मदापुरम -इटारसी के रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी खंगाले गए। जंगलों में सर्चिंग अभियान चलाया गया। लोकेशन उप्र के लखीमपुर खीरी में मिला जिसके बाद से बरामद कर लिया गया। जांच में सामने आया कि शुजालपुर के सारांश, पंजाब के तेजिंदर के साथ मिलकर प्लान बनाया था। पुलिस ने अर्चना को उसके परिजनों को सौंप दिया है। एसआरपी रेल राहुल लोढ़ा ने बताया कि राम तोमर के संबंध में अर्चना की ओर से कोई शिकायत प्राप्त हुई है। यदि शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button