करोड़ों का भूमि घोटाला-पार्क और मंदिर की ज़मीन पर कागजों में बसा दी कॉलोनी, EOW ने दर्ज की FIR

करोड़ों का भूमि घोटाला-पार्क और मंदिर की ज़मीन पर कागजों में बसा दी कॉलोनी, EOW ने दर्ज की FIR
भोपाल,यशभारत। राजधानी के नरेला शंकरी क्षेत्र में एक सनसनीखेज भूमि फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने सरकारी रिकॉर्ड और नक्शों के साथ छेड़छाड़ कर सार्वजनिक पार्क और मंदिर के लिए आरक्षित ज़मीन को निजी प्लॉट बताकर बेच दिया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने विस्तृत जांच के बाद ‘रॉयल हेरिटेज बिल्डर’ के संचालक जीशान अली, एम.एस. बख्श और उनके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटनीति और साजिश की गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
EOW की जांच में खुलासा हुआ कि नगर तथा ग्राम निवेश (T&CP) द्वारा वर्ष 1976 में नरेला शंकर गृह निर्माण सहकारी समिति का जो ले-आउट पास किया गया था, उसमें खसरा नंबर 243 की ज़मीन ‘पुरुषोत्तम पार्क’, मंदिर और बिजली के ट्रांसफार्मर के लिए आरक्षित थी। आरोपियों ने इस मूल नक्शे को दरकिनार कर एक फर्जी और कूटरचित (Forged) नक्शा तैयार किया। इस जाली नक्शे में पार्क की जगह पर प्लॉट नंबर 254 से 267 तक कुल 14 अवैध प्लॉट दर्शा दिए गए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने कागजों पर अस्तित्व में आए इन फर्जी प्लॉटों को ऊंचे दामों पर बेचना शुरू कर दिया। 17 सितंबर 2002 को अविनाश मिश्रा नामक व्यक्ति को ‘प्लॉट नंबर 262’ सवा लाख रुपये में बेचा गया। जब खरीदार मौके पर कब्ज़ा लेने पहुँचा, तो वहां उसे प्लॉट की जगह विकसित पार्क और मंदिर मिला। जीशान अली ने सहकारी संस्था पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अपने ही कर्मचारियों और रिश्तेदारों को ‘डमी’ सदस्य बनाकर पदों पर बैठा रखा था।
जांच में यह भी पाया गया कि संस्था की हेराफेरी को छुपाने के लिए कई वर्षों तक जानबूझकर ऑडिट नहीं कराया गया। आरोपियों ने राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों रुपये के सौदे किए। वर्ष 2021 में भी इसी विवादित ज़मीन के टुकड़ों को बेचने के लिए 5.25 करोड़ रुपये का एक बड़ा अनुबंध किया गया था, जिसमें से 10 लाख रुपये की अग्रिम राशि भी डकारी गई।
PNB पहले ही कुर्क कर चुका है संपत्ति
आरोपी बिल्डर की वित्तीय स्थिति और कारगुजारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बावड़ियाकलां स्थित इनके रॉयल हेरिटेज शॉपिंग मॉल को पंजाब नेशनल बैंककर्ज न चुकाने के कारण पहले ही ज़ब्त कर चुका है।







