कल्पना मिश्रा कांड में डॉक्टर निलंबित : मेडिकल इमरजेंसी के आसार, सामूहिक इस्तीफा का चिकित्सकों ने लिया निर्णय

रीवा । कल्पना मिश्रा मौत मामले में फिर एक कार्रवाई हो गई। डॉ गुंजन गोस्वामी को डीन ने निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश डॉक्टर और विभाग तक पहुंचने के बाद अब मामला गरम हो गया है। लगातार गायनी विभाग के डॉक्टरों को टारगेट में लिए जाने से सभी लामबंद हो गए है। डॉक्टरों ने इस कार्रवाई के खिलाफ बगावत का निर्णय लिया है। सभी चिकित्सकों ने एक साथ सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
सूत्रों की मानें तो गायनी विभाग के कान्फ्रेंस हाल में सभी चिकित्सकों ने बैठक कर यह निर्णय लिया। सामूहिक इस्तीफा का पत्र भी तैयार हो गया है। शाम तक श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन को सौंप भी दिया जाएगा कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत मामले में सिर्फ गायनी विभाग के चिकित्सकों को ही टारगेट में लिया जा रहा है। डिप्टी सीएम शेष अन्य विभाग के डॉक्टरों को बचा रहे हैं। लगातार गायनी विभाग के चिकित्सक ही टारगेट में आए। वहीं दूसरी तरफ पिडियाट्रिक विभाग, मेडिसिन और एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों की लापरवाही
सामने आने के बाद भी उन्हें बचा लिया गया। पीडिय़ाट्रिक विभाग के डॉ दीपक द्विवेदी, डॉ गौरव त्रिपाठी के भी जांच टीम ने बयान लिए थे। इनकी भी ड्यूटी घटना के दिन पीडियाट्रिक विभाग में थी लेकिन वह नहंीं थे। पीजी गायनी नवजात को लेकर एनआईसीयू तक गई थी। इसी तरह मेडिसिन विभाग में डॉ केशव ङ्क्षसह और डॉ राकेश पटेल की ड्यूटी थी। वह भी नहीं थे। कल्पना की बीपी कंट्रोल नहीं हो रही थी। डॉक्टरों को बुलाया गया था तो पीजी सेकंड ईयर का छात्र पहुंचा था।
इसी तरह एनेस्थीसिया में सेकंड कॉल कुलदीप पटेल का था। वह भी नहीं पहुंचे थे। इन लापरवाहों को बचाया जा रहा है। डिप्टी सीएम की मंशा में खोट नजर आ रही है। लगातार गायनी विभाग को टारगेट कर शायद वह मामले को उकसाना चाह रहे हैं।






