मवेशी को बचाने पहुंचे किसान पर बाघ का हमला :हाथ-पैर व पेट में आई चोटें ,गंभीर हालत में नागपुर रेफर; ग्रामीणों में दहशत… देखें पूरा वीडियो

सिवनी यश भारत:-सिवनी वन परिक्षेत्र के बरघाट प्रोजेक्ट अंतर्गत बहदाबाद बीट के कंपार्टमेंट क्रमांक 688 में गुरुवार शाम बाघ ने मवेशी चराने गए एक किसान पर हमला कर दिया। किसान अपनी भैंस को बाघ के हमले से बचाने के लिए उसके करीब पहुंच गया था। इसी दौरान बाघ ने किसान पर हमला कर दिया। घटना में किसान के हाथ, पैर और पेट में चोटें आई हैं। घटना के बाद चिखली सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार ग्राम चिखली निवासी टेकचंद अबथरे (56), पिता मूलचंद अबथरे गुरुवार को जंगल क्षेत्र में भैंस चराने गए थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने एक भैंस पर हमला कर दिया। भैंस को बाघ के चंगुल से बचाने के लिए टेकचंद आगे बढ़े, तभी बाघ ने उन पर हमला कर दिया। किसान के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े। लोगों की आहट के बाद बाघ जंगल की ओर चला गया।
घटना में घायल टेकचंद को तत्काल कुरई लाकर प्राथमिक उपचार कराया गया। हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए नागपुर रेफर कर दिया। परिक्षेत्र अधिकारी सीएस वरकड़े के अनुसार किसान खतरे से बाहर है और उसका उपचार कराया जा रहा है।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
बाघ के हमले के बाद ग्रामीणों में जंगल में मवेशी चराने जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से लगे क्षेत्रों में वन्यप्राणियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग को नियमित गश्त बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर निगरानी रखने की जरूरत है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों को अकेले जंगल में नहीं जाने की सलाह देने की मांग की गई है।
मध्यप्रदेश की वन्यजीव कार्ययोजना में भी मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया, निगरानी, ग्रामीण जागरूकता और मानव चोट के मामलों में समय पर सहायता जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।
ग्रामीणों ने घायल किसान को नियमानुसार आर्थिक सहायता/मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि नागपुर में चल रहे उपचार और अन्य खर्चों से परिवार को राहत मिल सके। साथ ही क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए वन विभाग से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।







