100 एकड़ में बसाई जाएगी ‘अनंत आश्रय’ टाउनशिप,नीता अंबानी और ईशा अंबानी ने किया भूमि पूजन

मुंबई,यशभारत। अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और विकासात्मक दिव्यांगता वाले लोगों को जीवनभर सुरक्षित आश्रय और परिवार जैसा माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन ने बड़ी पहल की है। फाउंडेशन की संस्थापक एवं चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर महाराष्ट्र के कर्जत में ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ परियोजना की घोषणा करते हुए भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर रिलायंस फाउंडेशन की डायरेक्टर ईशा अंबानी भी मौजूद रहीं। दोनों ने परियोजना की शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया।

करीब 100 एकड़ में विकसित होने वाली यह टाउनशिप 5 हजार से अधिक लोगों को आजीवन घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जाएगी। इसे एक स्थायी गैर-लाभकारी संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना को आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। इसकी खास बात यह है कि यहां रहने वाले लोगों को केवल छत और भोजन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पुनर्वास, मनोरंजन और व्यक्तिगत विकास के अवसर भी उपलब्ध कराने की परिकल्पना है।
अस्पताल, मंदिर और आठ आवासीय गांव होंगे खास आकर्षण
‘अनंत आश्रय’ की योजना इसे सामान्य वृद्धाश्रम या अनाथालय से अलग एक संपूर्ण आवासीय समुदाय के रूप में विकसित करने की है। प्रस्तावित परिसर में आठ आवासीय गांव बनाए जाएंगे, जिनके नाम भारत की पवित्र नदियों पर रखे जाएंगे। यहां छोटे-छोटे पारिवारिक घर होंगे, जहां रहने वालों को देखभाल के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी और समर्पित केयरगिवर उपलब्ध रहेंगे। परिसर में अस्पताल, मंदिर, खेल के मैदान, बगीचे, खेत और कार्यशालाएं भी प्रस्तावित हैं। इसका उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां लोग मरीज या आश्रित होने के बजाय परिवार और समुदाय के सदस्य की तरह रह सकें।
विशेष अस्पताल और पुनर्वास केंद्र की सुविधा
परियोजना में स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष महत्व दिया गया है। यहां विशेषज्ञ अस्पताल के साथ फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। विकासात्मक दिव्यांगता वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष चिकित्सा, पुनर्वास और नियमित देखभाल की व्यवस्था होगी। इसके अलावा समावेशी खेल, संगीत, कला और रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी स्थान तैयार किए जाएंगे। पशुओं के साथ जुड़ाव और भावनात्मक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वनतारा की विशेषज्ञता से एक विशेष पशु फार्म विकसित करने की भी योजना है।
शिक्षा और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
इस परियोजना का उद्देश्य जरूरतमंदों को केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। इसके लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बेकरी, कैफे और हस्तशिल्प केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। साथ ही दिव्यांगों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करने वाली विशेष प्रशिक्षण अकादमी भी प्रस्तावित है।
आसपास के गांवों को भी मिलेगा लाभ
इस टाउनशिप का लाभ केवल यहां रहने वाले 5 हजार लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। देखभाल करने वाले कर्मचारियों, चिकित्सकों, सहयोगी स्टाफ और उनके परिवारों को मिलाकर यहां करीब 15 हजार लोगों का एक बड़ा समुदाय विकसित होने की उम्मीद है। आसपास के क्षेत्रों के लगभग एक हजार लोगों को चिकित्सा, शिक्षा, थेरेपी और रोजगार से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा मोबाइल चिकित्सा सेवाओं, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों और अस्थायी देखभाल सुविधाओं के माध्यम से आसपास के परिवारों तक भी सहायता पहुंचाई जाएगी।
नीता अंबानी ने इस पहल को अपने परिवार के लिए भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों के माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि उनके बाद बच्चों की देखभाल कौन करेगा। अनंत आश्रय के माध्यम से ऐसी चिंता दूर करने और हर उम्र के व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा तथा अपनत्व के साथ जीवन जीने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है।
रिलायंस फाउंडेशन की यह पहल इस सोच पर आधारित है कि हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने के लिए घर, देखभाल और अवसर मिलने चाहिए। यदि प्रस्तावित योजना अपने उद्देश्य के अनुरूप आकार लेती है, तो यह हजारों जरूरतमंदों के लिए आजीवन आश्रय के साथ उनके परिवारों को भी बड़ी राहत दे सकती है।







