खेलते हुए कुएं में गिरी बच्ची को निकालने उतरे रिश्तेदार, बच्ची समेत तीन की मौत

वाराणसी में मिर्जामुराद के गुड़िया गांव (मिर्जामुराद) में गुरुवार शाम करीब 5:00 बजे घर के सामने खेल रही चार साल की बच्ची कुएं में गिर गई। उसे निकालने पाइप के सहारे चाचा और एक रिश्तेदार कुएं में उतरे। तीनों की मौत हो गई। आशंका है कि जहरीली गैस से तीनों की जान गई। गांव निवासी प्रमोद कुमार बिंद की मां की तेरहवीं गुरुवार को थी। रिश्तेदार, पट्टीदार और ग्रामीण जुटे थे।
पड़ोसी प्रदीप बिंद की चार साल की पुत्री माही शाम करीब 5:00 बजे खेलते समय घर के पास स्थित कुएं में जा गिरी। साथ के बच्चों ने शोर मचाया तो प्रमोद का 27 वर्षीय पुत्र ऋषिकेश बिंद और उसकी बुआ का बेटा अदलपुरा (मिर्जापुर) निवासी 30 वर्षीय रामकेश बिंद सबमर्सिबल पंप की पाइप पकड़कर कुएं में उतरे। ऋषिकेश रिश्ते में माही का चाचा था। जब कुएं में हलचल शांत हो गई तो आशंका बढ़ गई। बाद में तीनों का शव ग्रामीणों ने निकाला।
पुलिस, फायर ब्रिगेड रही मूकदर्शक
मिर्जामुराद के गुड़िया गांव में कुएं में चार साल की बच्ची माही समेत तीन की मौत से लोग जहां गमगीन रहे वहीं उनमें गुस्सा भी रहा। उनका कहना था कि पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची लेकिन संसाधन के अभाव में मूकदर्शन रही। एनडीआरएफ जब पहुंची तब तक ग्रामीण अपने स्तर से शव निकाल चुके थे। लोगों का कहना था कि बच्ची को कुएं से निकालने उतरे पड़ोस के चाचा ऋषिकेश बिंद और रिश्तेदार रामकेश बिंद की भी मौत से गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस या फायर ब्रिगेड संसाधन के साथ आती तो शायद जानें बच जातीं।
एमएलसी ने बंधाया ढांढ़स, मुआवजे का आश्वासन
घटना की सूचना पर भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र राय भी गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवार को ढांढ़स बंधाया। डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल, एडीसीपी वैभव बांगर, एडीएम प्रशासन बिपिन कुमार, तहसीलदार राजातालाब भी लोगों को समझाते रहे। एडीएम ने डीएम से बात कराकर मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। डीसीपी ने बताया कि परिजनों के तैयार होने पर तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गये।






