मध्य प्रदेश को बड़ी राहत: अब राशन दुकानों से मिलेगा अधिक गेहूं, केंद्र ने बदला आवंटन अनुपात

भोपाल, : मध्य प्रदेश की जनता को राशन वितरण प्रणाली में एक बड़ी राहत मिली है। प्रदेश की राशन दुकानों पर अब गेहूं की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा। यह महत्वपूर्ण बदलाव केंद्र सरकार द्वारा गेहूं और चावल के आवंटन अनुपात में किए गए संशोधन के बाद संभव हुआ है।
पिछले कई सालों से मध्य प्रदेश में यह समस्या थी कि राशन की दुकानों पर गेहूं के मुकाबले चावल अधिक दिया जाता था, जबकि प्रदेश की अधिकांश आबादी गेहूं का अधिक उपभोग करती है। इस असमानता का कारण केंद्र सरकार से कुल आवंटन का 40 प्रतिशत गेहूं और 60 प्रतिशत चावल का आवंटन मिलना था।
गेहूं की कमी से परेशानी और कालाबाजारी
इस स्थिति के कारण, जिन्हें गेहूं की आवश्यकता होती थी, उन्हें पर्याप्त गेहूं नहीं मिल पाता था। वहीं, जिन्हें चावल की जरूरत नहीं होती थी, ऐसे मामले भी संज्ञान में आ रहे थे, जहां लाभार्थी चावल लेकर उसे खुले बाजार में बेच देते थे, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा था। इस असमान वितरण से उपभोक्ता भी असंतुष्ट थे।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की पहल से समाधान
यह समस्या जब सामने आई, तो प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर गंभीरता से विचार किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, संबंधित विभाग के एक प्रतिनिधि ने केंद्रीय खाद्य मंत्री माननीय श्री प्रहलाद जोशी जी से मुलाकात की और उन्हें मध्य प्रदेश की इस विशिष्ट समस्या से अवगत कराया।
इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए, केंद्रीय खाद्य मंत्री ने न केवल इस विषय पर त्वरित ध्यान दिया, बल्कि तीन दिन के भीतर भारत सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए। नए आदेश के अनुसार, अब मध्य प्रदेश को कुल आवंटन का 75 प्रतिशत गेहूं और 25 प्रतिशत चावल आवंटित किया जाएगा।
जनता को सीधे फायदा: अब 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल
इस बदलाव का सीधा असर लाभार्थियों पर पड़ेगा। पहले जहां उन्हें 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मिलता था, वहीं अब उन्हें 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलेगा, जो प्रदेश की खाद्य आदतों के अनुरूप है। इस माह से मध्य प्रदेश को 1 लाख मीट्रिक टन गेहूं अधिक प्राप्त होगा, जिससे राशन दुकानों पर गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय खाद्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी का आभार व्यक्त किया गया है। उनके त्वरित हस्तक्षेप से प्रदेश की एक बड़ी और पुरानी समस्या का समाधान हुआ है, जिससे लाखों राशन कार्ड धारकों को सीधा लाभ मिलेगा।







