रामलीला देखने निकली किशोरी का अपहरण, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, किशोरी को खोजकर परिजनों को सौंपा

कटनी, यशभारत। घर से रामलीला देखने के लिए निकली एक नाबालिक किशोरी का तीन लोगों ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने इस मामले में नाबालिक किशोरी को खोजकर परिजनों को सौंपा और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने बताया कि विगत 3 अपै्रल को रात्रि ढाई बजे पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी लडक़ी अपने मामा के घर से रामलीला देखने को कहकर घर से गई थी। जहां से कोई व्यक्ति उसको बहला फुसला कर ले गया है। रिपोर्ट पर ढीमरखेड़ा थाने में धारा 137 (2) बीएनएस का प्रकरण पंजीबद्ध कर पुलिस टीम के दो अलग-अलग दलों को रात्रि में ही अपहर्ता की पतासाजी के लिए रवाना किया गया। चौतरफा नाकाबंदी की गई। इसी बीच जानकारी मिली कि तीन लोग काली बोलेरो गाड़ी से आए और नाबालिका लडक़ी को ले गये। मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी सरहदी थानों को सूचना देकर नाकाबंदी की गई। इस दौरान बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। इस मामले में आरोपी राज बागरी पिता मुन्नीलाल बागरी निवासी महुदा थाना सिंगपुर, विनय पिता अवधेश बागरी निवासी रिकआकला नागौद एवं अपचारी बालक को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में मुख्य अभियुक्त बाल अपचारी है। प्रकरण के आरोपियों को माननीय न्यायालय पेश किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा 2 आरोपियों को जेल दाखिल करने के आदेश दिए गए, जबकि बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजा गया है। घटना में प्रयुक्त बोलरो गाड़ी को भी जप्त किया गया है। पुलिस कार्यवाही में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, एएसआई संतोष विश्वकर्मा, आरक्षक पंकज, आरक्षक गंर्धव सिंह, आरक्षक अजय धुर्वे, आरक्षक रंजीत सिंह, महिला आरक्षक शालनी राजपूत और साइबर सेल से आरक्षक अमित का विशेष योगदान रहा।
परिजनों की डांट से व्यथित होकर चली गई बालिका
ढीमरखेड़ा पुलिस ने खोजकर परिजनों से मिलाया
परिजनों की डांट से व्यथित होकर अचानक लापता हुई बालिका को ढीमरखेड़ा पुलिस ने खोजकर परिजनों से मिलाया। ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने बताया कि पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे मुस्कान अभियान के तहत यह सफलता मिली। पुलिस के मुताबिक 31 मार्च को ग्राम देवरी बिछिया निवासी ने थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 16 वर्षीय लडक़ी घर से बिना बताये कहीं चली गई है। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर नाबालिक बालिका की तलाश पतासाजी की गई और मोबाइल लोकेशन के आधार पर बालिका की पतासाजी के प्रयास करते हुए पुलिस टीम को रवाना किया गया, तत्पश्चात बालिका को 24 घंटे के अंदर दस्तयाब किया गया और उसके परिजनों के सुपूर्द किया गया है। बालिका से घर छोडक़र जाने का कारण पूछने पर उसने बताया कि माता-पिता की डांट की वजह से वह नाराज होकर बिना बताए घर से चली गई थी।







