
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और मृतकों की संख्या बढ़कर 99 पहुंच गई है। राज्य के 13 जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और 1.55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर स्थायी पुनर्वास की तैयारी तेज कर दी है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते 153 सड़कें बंद हैं। बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। मानसून की शुरुआत से अब तक राज्य में 65 लोगों की मौत और करीब 834 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। मौसम विभाग ने 14 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।
दिल्ली में अगस्त की शुरुआत में ही बारिश ने रिकॉर्ड बना दिया है। सफदरजंग मौसम केंद्र पर आठ दिनों में 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो अगस्त की औसत बारिश 226.8 मिलीमीटर से अधिक है। लगातार बारिश से कालिंदी कुंज, आईटीओ और महरौली-बदरपुर रोड समेत कई इलाकों में जलभराव हुआ।
केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम सहित कई जिलों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और कई सड़कें व मकान अब भी पानी में डूबे हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।







