एक देश, एक चुनाव- ईसी के पास वेयरहाउस की कमी EVM रखने के लिए 800 अतिरिक्त वेयरहाउस की जरूरत, रिपोर्ट JPC को भेजी

नई दिल्लीश् एजेंसी। चुनाव आयोग ने कहा है कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के लिए 800 एक्स्ट्रा वेयरहाउस की जरूरत होगी। इन वेयरहाउस में ईवीएम और अन्य उपकरण रखे जाएंगे। ईसी ने बयान जारी कर कहा कि वेयरहाउस बनाना कठिन काम है और इसमें बहुत लागत आती है। वेयरहाउस के लिए जमीन और कंस्ट्रक्शन की लागत राज्य सरकारें देती है।
चुनाव आयोग ने मार्च 2023 में लॉ कमीशन और कानून मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग के साथ एक साथ चुनाव कराने पर चर्चा की थी। इसकी रिपोर्ट एक देश-एक चुनाव के 2 बिलों पर चर्चा के लिए बनाई जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी को भेज दी है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 17 दिसंबर को लोकसभा में वन नेशन, वन इलेक्शन संविधान संशोधन बिल पेश किया था। इसे चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया है।केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 17 दिसंबर को लोकसभा में वन नेशन, वन इलेक्शन संविधान संशोधन बिल पेश किया था। इसे चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया है।
अतिरिक्त बजट की जरूरत
चुनाव आयोग ने कानूनी मामलों के विभाग को बताया था कि सभी वेयरहाउस में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, हर एक और तीन महीने में निरीक्षण, फायर अलार्म और सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी, जो बहुत मुश्किल है।
326 जिलों में नए वेयरहाउस बनाए जाएंगे
चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि फिलहाल 326 जिलों में नए वेयरहाउस बनाने की जरूरत है। मार्च 2023 तक 194 वेयरहाउस बन चुके हैं, 106 बनाए जा रहे हैं। जबकि 13 वेयरहाउस बनाने के लिए जमीन की मंजूरी दे दी गई है। लेकिन अभी तक जमीन आवंटित नहीं की गई है।
चुनाव आयोग के मुताबिक देश में लगभग 772 जिले हैं। जुलाई 2012 में चुनाव आयोग ने श्वङ्करू और ङ्कङ्कक्क्रञ्ज स्टोर करने के लिए हर जिले में एक वेयरहाउस के निर्माण की पहल की थी।







