भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में कांग्रेस का हमला, धार्मिक भावनाओं व भ्रष्टाचार पर सरकार से जवाब की मांग अमित शर्मा बोले दस्तावेजों से उजागर हुई अनियमितताएं, उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में कांग्रेस का हमला, धार्मिक भावनाओं व भ्रष्टाचार पर सरकार से जवाब की मांग
अमित शर्मा बोले दस्तावेजों से उजागर हुई अनियमितताएं, उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग
भोपाल यश भारत। भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर सियासत तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित शर्मा ने प्रेस वार्ता में मामले को गंभीर बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि धार्मिक भावनाओं, सनातन परंपराओं और शासन की जवाबदेही से जुड़ा है। शर्मा ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस को लेकर पिछले कई महीनों से शिकायतें सामने आ रही हैं। असलम चमड़ा और उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा अवैध कारोबार किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चल सकता। उन्होंने दावा किया कि महापौर, एमआईसी सदस्य और अधिकारियों द्वारा जानकारी नहीं होने की बात कही गई थी लेकिन प्रस्तुत दस्तावेज इससे अलग तस्वीर दिखाते हैं। उनके अनुसार 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव के तहत केवल 6 माह का समय विस्तार दिया जाना था लेकिन बाद में बिना पेनल्टी 20 वर्षों के लिए संचालन व संधारण का अनुबंध दे दिया गया। कांग्रेस नेता ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी भी माफ कर दी गई। उन्होंने कहा कि पहले दंड लगाया गया और बाद में उसे समाप्त कर दिया गया जो भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग को दर्शाता है।शर्मा ने कहा कि संबंधित दस्तावेजों पर महापौर मालती राय सहित कई जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं जिससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया। उन्होंने एसआईटी जांच को भी औपचारिकता बताते हुए कहा कि मूल तथ्यों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।







