राजधानी में मेट्रो का इंतजार, काम अधूरा होने से संशय बरकार

राजधानी में मेट्रो का इंतजार, काम अधूरा होने से संशय बरकार
– सीएमआरएस के अंतिम निरीक्षण के बाद मिलेगा क्लियरेंस
भोपाल यशभरत। राजधानी में मेट्रो ट्रेन की सवारी का लंबे समय से इंतजार कर रहे नागरिकों को अभी और धैर्य रखना होगा। एम्स से सुभाष नगर तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के संचालन की तारीख अभी तय नहीं हो पा रही है। इसका मुख्य कारण है मेट्रो सेफ्टी रेल कमिश्नर (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग के अंतिम निरीक्षण कार्यक्रम में देरी। बिना इस निरीक्षण के मेट्रो ट्रेन को पटरी पर उतारने की मंजूरी नहीं मिल सकती।
मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक सीएमआरएस की तकनीकी टीम अब तक ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, स्टेशन बिल्डिंग, सिविल संरचनाएं और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े तमाम बिंदुओं की प्राथमिक जांच कर चुकी है। सभी व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप पाया गया है, लेकिन अंतिम औपचारिक निरीक्षण और प्रमाणन अभी बाकी है। यही निरीक्षण मेट्रो संचालन की मंजूरी के लिए निर्णायक साबित होगा।
तैयारी पूरी, सिर्फ हरी झंडी क इंतजार
भोपाल मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारी तैयारी पूरी है। स्टेशन परिसर से लेकर स्क्रीन डोर, टिकटिंग, लिफ्ट एस्केलेटर और इमरजेंसी सिस्टम तक हर व्यवस्था जांची जा चुकी है। सीएमआरएस के अंतिम निरीक्षण के बाद ही अनुमोदन पत्र जारी किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही मध्यप्रदेश सरकार को इसकी औपचारिक सूचना भेजी जाएगी और फिर उद्घाटन की तारीख तय होगी।
दिसंबर माह में शुरू सकता है शुभारंभ
अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो सेफ्टी कमिश्नर जल्द भोपाल का दौरा करते हैं तो शुभारंभ दिसंबर के प्रथम या द्वितीय सप्ताह में संभव हो सकता है। हालांकि अभी तक सीएमआरएस कार्यालय की ओर से दौरे का औपचारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।
ट्रायल रन सफल होने के बाद अब इंतजार
राजधानी में मेट्रो शुरू होने का सपना 2018 से आकार ले रहा है। लंबे इंतजार के बाद अब परियोजना जमीन पर उतर चुकी है और ट्रायल रन भी सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। ऐसे में नागरिकों में रोमांच और उत्सुकता दोनों दिखाई दे रही है। शहरवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही मेट्रो सफर का अनुभव ले सकेंगे, जो न केवल यात्रा का समय घटाएगा बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी काफी हद तक राहत देगा।
ऑपरेशन क्लियरेंस का हो रहा इंतजार
अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही अंतिम निरीक्षण की तारीख तय हो जाती है, संचालन के लिए पूरी फाइल तेज़ी से आगे बढ़ेगी। प्रशासन और मेट्रो प्रबंधन समन्वय में जुटे हुए हैं ताकि मंजूरी मिलते ही उद्घाटन में देर न हो। अनुमान है कि नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत तक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जब तक सीएमआरएस की हरी झंडी नहीं मिलती, राजधानी में मेट्रो सवारी का सपना थोड़े समय के लिए और अधूरा रहेगा।
मेट्रो का काम तय समय सीमा पर पूरा हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द काम पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में हाल ही में बैठक भी की जा चुकी है। निर्माण कार्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
– संस्कृति जैन, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक, मप्र मेट्रो रेल कार्पोरेशन







