रेलवे लाइन पर रील बनाना पड़ा भारी, आरपीएफ की सख्त कार्रवाई
परिजनों को बुलाकर समझाइश देने के बाद किया सुपुर्द

जबलपुर यशभारत। रेलवे लाइन पर रील बनाने का खतरनाक शौक युवाओं को महंगा पड़ गया। आरपीएफ ने अभियान चलाकर रेलवे ट्रैक के पास रील बनाते पाए गए युवकों पर कार्रवाई की। आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर हटाया और रेलवे नियमों की जानकारी देते हुए सख्त समझाइश दी। इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि रेलवे लाइन पर इस तरह वीडियो बनाना न केवल अवैध है बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। ट्रेन की तेज रफ्तार और अचानक आने-जाने वाली गाड़ियों के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ द्वारा लगातार जन-जागरूकता एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।कार्रवाई के दौरान पकड़े गए युवकों के परिजनों को भी मौके पर बुलाया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने परिजनों को रेलवे अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाया कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। परिजनों को युवकों को सुपुर्द किया गया।आरपीएफ ने स्पष्ट किया कि रेलवे परिसर एवं पटरियों पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना दंडनीय अपराध है। सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज के लिए अपनी जान जोखिम में डालना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
रेलवे लाइन से दूरी बनाए रखें
आरपीएफ ने आमजन, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे रेलवे लाइन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की रील या वीडियो रेलवे ट्रैक के पास न बनाएं। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उक्त कार्रवाई आरपीएफ द्वारा ऑपरेशन दोस्ती पहल के तहत स्टोन पेल्टिंग की घटनाओ की रोकथाम के संबंध मेंउपनिरीक्षक योगेन्द्र सिंह, सउनि सुखराम बेन, प्र.आर. जितेन्द्र सिंह, प्रआ. हरवंश बघेल, आर. हरीकेश दुबे, आर. सूर्यनाथ यादव, प्र.आर. प्रमोद पटेल, आर. शिवकुमार बागरी द्वारा की गई।
शोभापुर से पकड़ गये एक दर्जन रील बनाने वाले
जागरुकता अभियान के संबंध में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी ने आगे बताया कि शोभापुर ब्रिज के आस-पास अभियान चलाया गया। उक्त अभियान के तहत शोभापुर ब्रिज के आस-पास कुछ लडके हाथ में पत्थर लिये हुए संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ के दौरान उनमें से कुछ लडकों के द्वारा ट्रेक पर आकर सेल्फी व रील बनाने हेतु आना बताया तथा कुछ के द्वारा मौज मस्ती में चलती ट्रेन व रेल लाइन के किनारे नाले के पानी में पत्थर मारना एवं पूर्व में भी कई बार रेल लाईन के किनारे आकर चलती ट्रेन में पत्थर मारना स्वीकार किया।
परिजनों को दी गई सूचना
रेलवे लाइन पर रील बनाने वाले शौकीनों को आरपीएफ द्वारा पोस्ट पर लाया गया उक्त सभी लडकों के माता-पिता को सूचना देकर रेल सुरक्षा बल पोस्ट बुलवाया गया। लडकों के परिजनों के समक्ष पुनः पूछताछ की गई तो उक्त लडकों ने उपरोक्तानुसार स्वीकार किया। के संबंध में समझाइश दी गई कि वह अपने बच्चो को रेल ट्रेन पर न जाने दे और चलती ट्रेन में पत्थर नही मारने के संबंध में बताया गया। इसके बाद उक्त लडकों कोे सही हालत में उनके माता-पिता को सुपुर्द किया गया।







