भोपालमध्य प्रदेश

इंदौर में काल बनी ई-कार की चार्जिंग: 7 की मौत, 4 सिलेंडर फटने से दहल गई बृजेश्वरी कॉलोनी

इंदौर में काल बनी ई-कार की चार्जिंग: 7 की मौत, 4 सिलेंडर फटने से दहल गई बृजेश्वरी कॉलोनी

भोपाल, यशभारत। स्वच्छता में नंबर वन इंदौर बुधवार तड़के एक भीषण त्रासदी से दहल उठा। बंगाली चौराहे के पास स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट ने एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। इस अग्निकांड में पुगलिया परिवार के 7 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना भीषण था कि घर में रखे 4 गैस सिलेंडर एक के बाद एक फट गए, जिससे मकान का एक हिस्सा जमींदोज हो गया।
हादसे की टाइमलाइन: सुबह 4 बजे का वो खौफनाक मंजर
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर देर रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में स्पार्किंग हुई और कार ने आग पकड़ ली। आग ने तेजी से घर के प्रवेश द्वार को अपनी चपेट में ले लिया। घर के अंदर रखे पॉलीमर केमिकल और 10 से ज्यादा गैस सिलेंडरों ने आग में घी का काम किया। देखते ही देखते पूरा इलाका धमाकों की गूंज से कांप उठा।
डेथ ट्रैप साबित हुए डिजिटल लॉक
जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि सुरक्षा के लिए लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक लॉक ही मौत का कारण बन गए। आग लगते ही घर की बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिसके कारण डिजिटल लॉक जाम हो गए। अंदर फंसे लोग दरवाजा नहीं खोल सके और दम घुटने व जलने से उनकी मौत हो गई। बचाव दल को दीवारें और दरवाजे तोड़कर अंदर घुसना पड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पॉलीमर केमिकल और सिलेंडरों का अवैध भंडार?
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मनोज पुगलिया पॉलीमर का कारोबार करते थे और घर में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल रखा था। रिहायशी इलाके में इतने बड़े पैमाने पर केमिकल और 10 से अधिक गैस सिलेंडरों की मौजूदगी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुराने जख्म हरे: 2025 के हादसे की यादें
यह घटना 23 अक्टूबर 2025 को कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के घर हुए हादसे की कार्बन कॉपी नजर आती है। वहां भी डिजिटल लॉक फेल होने के कारण बचाव कार्य में देरी हुई थी और प्रवेश अग्रवाल की जान चली गई थी। बार-बार हो रहे इन हादसों ने स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
ईवी का युग है, पर सुरक्षा सर्वोपरि
यह एक अत्यंत अलार्मिंग सिचुएशन है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते चलन के बीच चार्जिंग प्रोटोकॉल की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है। हम इस हादसे की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाएंगे ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
कैलाश विजयवर्गीय, कैबिनेट मंत्री

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button