जबलपुरमध्य प्रदेश

बसा रोड पर डम्परों का आतंक — नौनिहालों की जान पर आफत

ट्रैफिक प्वाइंट से बचते हुए शॉर्टकट मारकर नो एंट्री में घुस रहे रेत माफिया

जबलपुर। शहर के बसा रोड क्षेत्र में रेत माफियाओं का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। सुबह से देर रात तक रेत से भरे डम्पर बेखौफ रफ्तार से गुजरते हैं। इस मार्ग पर तीन स्कूल होने के बावजूद न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता। परिणामस्वरूप स्कूली बच्चों की जान पर हर रोज खतरा मंडराता रहता है। लगातार बढ़ते हादसों के खतरे को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश और भय व्याप्त है।

नो एंट्री में ये होता है रूट

नियम के अनुसार इन डंपरों को बायपास से होते हुए माढ़ोताल थाना, दीनदयाल चौक, अहिंसा चौक, उखरी तिराहा, एमआर-4 और लेवर चौक तक जाना होता है। लेकिन रेत माफिया इस रूट का पालन करने के बजाय माढ़ोताल क्षेत्र में बसा रोड से ही डंपरों को अंदर घुसा देते हैं। इससे शहर के बीचोंबीच डंपरों की आवाजाही बढ़ गई है।इस अवैध रूट में कम से कम तीन स्कूल पड़ते हैं। सुबह और दोपहर में जब बच्चे स्कूल आते-जाते हैं, उसी समय डंपरों की आवाजाही से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोग रोजाना इस खतरे के साए में जीने को मजबूर हैं।

जीरो डिग्री से माल गोदाम तक निकल जाते हैं डंपर

बसा रोड से प्रवेश करने के बाद ये डंपर जीरो डिग्री होते हुए सीधे कछपुरा माल गोदाम से बाहर की ओर निकल जाते हैं। यह पूरी गतिविधि प्रशासन की आंखों के सामने होती है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शॉर्टकट से शहर में घुस रहे डम्पर — पुलिस जांच से बच रहे रेत माफिया

स्थानीय लोगों के अनुसार रेत माफिया बसा रोड को शॉर्टकट मार्ग के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे वे शहर में प्रवेश करते समय तीन से चार नाकों की पुलिस जांच से बच निकलते हैं। भारी रफ्तार से दौड़ते डम्पर संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियों से होकर गुजरते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई और पुलिस की निष्क्रियता के कारण माफियाओं के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं।

बच्चों से भरी वैन और डम्पर में टला बड़ा हादसा — अभिभावक दहशत में

हाल ही में एक बड़ा हादसा टल गया जब बच्चों से भरी स्कूल वैन और तेज रफ्तार डम्पर आमने-सामने आ गए। चालक की सूझबूझ से गाड़ी को मोड़कर एक बड़ी अनहोनी से बचा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डम्पर इतनी तेज रफ्तार में था कि यदि वैन चालक ने समय पर गाड़ी न मोड़ी होती तो कई मासूमों की जान जा सकती थी। इस घटना के बाद से अभिभावकों में गहरी चिंता और आक्रोश है।

खुले में दौड़ रहे डम्पर, बढ़ता डर का माहौल

क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की लगातार गैरमौजूदगी सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। न तो चेकिंग होती है और न ही किसी तरह की रोक-टोक। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर रेत माफिया खुलेआम डम्पर निकाल रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि पुलिस की चुप्पी ने माफियाओं को “अघोषित लाइसेंस” दे दिया है। नतीजतन पूरे इलाके में दहशत और गुस्सा दोनों माहौल में है।

क्षेत्रवासियों की चेतावनी — कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन

बसा रोड पर बढ़ते डम्पर आतंक के खिलाफ क्षेत्र के नागरिकों ने प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि स्कूलों के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जाए और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है —

> “प्रशासन को तब कदम नहीं उठाना चाहिए जब कोई अनहोनी हो, बल्कि पहले से सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। यहां हर रोज बच्चों की जान खतरे में रहती है।”

“यह विषय मेरे संज्ञान में लाया गया है। शीघ्र ही ट्रैफिक पुलिस से चर्चा कर तय प्वाइंट्स निर्धारित किए जाएंगे तथा ऐसे वाहनों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।”
सम्पत्त उपाध्याय, एस पी, जबलपुर

 

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