शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली के नाम पर हजारों की वसूली : जिलेभर में शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया जारी, वरिष्ठता सूची में विसंगतियों के भी आरोप

मंडला। जिले में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया इन दिनों जारी है। इस प्रक्रिया के तहत शिक्षकों को अपनी गोपनीय चरित्रावली (सीआर) जमा करनी होती है, जो पदोन्नति के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। आरोप है कि यह चरित्रावली संकुल प्राचार्य के हस्ताक्षर होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के माध्यम से जमा की जा रही है और इसकी किसी भी तरह की पावती भी नहीं दी जा रही है। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षकों से अवैध वसूली की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि सीआर में क, ख, ग, घ की ग्रेडिंग प्रमाणित करने के लिए तीन से चार सौ रुपये लिए जा रहे हैं। शिक्षकों और संगठन ने इस कथित अवैध वसूली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता का ध्यान रखते हुए पूरी पारदर्शिता बरती जाए। यह मामला जिले के शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सात वर्षों की सीआर जमा करने की प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, शिक्षकों की पदोन्नति के निर्देश मिलने के बाद जिले में वरिष्ठता क्रम से शिक्षकों की सूची तैयार की गई है। मंडला ब्लॉक में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों के नाम पदोन्नति सूची में शामिल हैं। शिक्षकों को वर्ष 2018-19 से पिछले सात वर्षों की गोपनीय चरित्रावली जमा करनी है। आरोप है कि सीआर में भी फेरबदल किया जा रहा है, जबकि शिक्षकों का कहना है कि सीआर एक बार ही तैयार की जाती है। शिक्षकों द्वारा संकुल प्राचार्य से ग्रेडिंग कराने के बाद सीआर बीईओ कार्यालय में जमा की जा रही है। यहां से प्रमाणित होने के बाद फाइल जनजातीय कार्य विभाग तक पहुंचती है। शिक्षकों की पदोन्नति के लिए एक समिति गठित की गई है। समिति द्वारा वरिष्ठता और विषयवार शिक्षकों के नामों की स्क्रूटनी करने के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
वरिष्ठता सूची में विसंगतियों का आरोप
जिले में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर एक शिक्षक संगठन ने गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि नवीन सत्र 2026-27 की वरिष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नति की जानी है, लेकिन इस सूची में अनेक खामियां हैं, जिन्हें दूर नहीं किया जा रहा है। सूची में कई शिक्षकों के नाम गायब हैं। वहीं, सेवानिवृत्त हो चुके अथवा स्थानांतरण करा चुके शिक्षकों के नाम भी सूची में शामिल हैं। ऐसे में पात्रता रखने वाले शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संगठन ने आरोप लगाया है कि यदि वरिष्ठता सूची की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है और पात्र शिक्षकों के साथ अन्याय होने की आशंका है।
पदोन्नति के लिए जरूरी है सीआर
शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली उनके कार्य, आचरण और शैक्षणिक प्रदर्शन का वार्षिक लिखित मूल्यांकन दस्तावेज है। यह शिक्षक की सेवा पुस्तिका का एक गोपनीय और महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। पदोन्नति के लिए पिछले कुछ वर्षों की संतोषजनक गोपनीय चरित्रावली होना आवश्यक माना जाता है, जिसके आधार पर वरिष्ठता और योग्यता का आकलन किया जाता है। गोपनीय चरित्रावली में शिक्षक के पूरे वर्ष के कार्य और व्यवहार का लेखा-जोखा दर्ज होता है। इसमें शैक्षणिक परिणाम, अनुशासन और छात्रों की उपस्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं का उल्लेख किया जाता है। संकुल प्राचार्य अथवा संबंधित अधिकारी द्वारा इसकी ग्रेडिंग और प्रमाणीकरण किया जाता है। पदोन्नति प्रक्रिया में गोपनीय चरित्रावली का विशेष महत्व होता है। अगली पदोन्नति के लिए निर्धारित वर्षों की सीआर रिपोर्ट का सही और प्रमाणित होना आवश्यक है।
इनका कहना है….
“शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है। वरिष्ठता सूची में कई विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर नहीं किया गया है। यदि सूची इसी रूप में जारी की गई तो हम माननीय न्यायालय का रुख करेंगे और आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे। संगठन को यह शिकायतें भी मिल रही हैं कि सीआर लिखने और प्रमाणित करने के एवज में वसूली की जा रही है। इसका भी पुरजोर विरोध किया जाएगा।”
संतोष सोनी, आजाद अध्यापक संघ
“पदोन्नति की सूची में शिक्षकों की जानकारी है। जनजातीय कार्य विभाग से प्रक्रिया चल रही है। शिक्षकों से किसी भी तरह के रुपये नहीं लिए जा रहे हैं। पूरे जिले से एक भी शिक्षक इस तरह की शिकायत नहीं कर सकता है।”
रंजीत गुप्ता, प्रभारी बीईओ, मंडला







