पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलेगी कांग्रेस वृहद आंदोलन की तैयारी

पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलेगी कांग्रेस वृहद आंदोलन की तैयारी
झूठी एफआईआर, शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर गिरफ्तारी और लोकतंत्र का गला घोंटने वाली भाजपा सरकार के विरुद्ध कांग्रेस का प्रतिकार
जबलपुर यश भारत। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ज्ञापन सौंपने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सत्ता के इसारे पर की गई पुलिस की कार्यवाही के विरोध में कांग्रेस के द्वारा अब एक क्रमबद्ध आंदोलन छेडने की तैयारी की जा रही है। इसी सिलसिले मैं कांग्रेस ने आज एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर मीडिया को जानकारी दी। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने कहा कि 5 जुलाई को एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें सभी कांग्रेस जन मौजूद रहकर पुलिस के खिलाफ चलाये जाने वाले चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा पूर्व विधायक विनय सक्सेना संजय यादव नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा महिला कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश यादव सतीश तिवारी आरिफ बेग आदि मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से हम प्रदेश की जनता और मीडिया के साथियों को यह बताना चाहते हैं कि लोकतंत्र की नींव पर हो रहे इस सीधे हमले को कांग्रेस चुपचाप नहीं सहेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर दर्ज झूठी एफआईआर के विरोध में जब शहर कांग्रेस के नेतृत्व में कांग्रेसजन एसपी कार्यालय ज्ञापन देने पहुँचे, तब एसपी साहब ने मिलने से स्पष्ट इनकार कर दिया – जबकि वे कायर्यालय में ही उपस्थित थे। यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का घोर अपमान है।
लोकतंत्र में जितनी भूमिका सत्ता पक्ष की होती है, उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विपक्ष की भी होती है – यही संतुलन लोकतंत्र की जीवंत बनाए रखता है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि एसपी इस मूलभूत सिद्धांत को नहीं समझ पाए। उन्होंने न केवल कांग्रेसजनों से मिलने से इनकार किया, बल्कि शांतिपूर्ण ज्ञापन लेने से भी कतराते रहे। यह उनका तानाशाही और पक्षपातपूर्ण रवैया दर्शाता है।
कांग्रेस कार्यकर्ता “रघुपति राघव राजा राम” जैसे भजन गाते हुए शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे, लेकिन भाजपा सरकार की बौखलाहट इतनी बढ़ गई कि पुलिस ने बलपूर्वक सभी को गिरफ्तार कर सिविल लाइन थाने भेज दिया और उन पर झूठे प्रकरण दर्ज कर दिए।
इसके विरोध में कांग्रेसजनों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर एसपी का पुतला दहन किया और आईजी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष न्याय की माँग की।
एसपी जबलपुर ने यह सिद्ध कर दिया कि वे जनता के सेवक नहीं, भाजपा के सेवक हैं। सत्ता की गुलामी में डूबे ऐसे अफसरों को कांग्रेस बख्शेगी नहीं यदि प्रशासन जनता की नहीं, सत्ता की भाषा बोलेगा तो कांग्रेस उसे सड़कों पर बेनकाब करती रहेगी।अब यह लड़ाई आर-पार की होगी लोकतंत्र बचेगा-पुलिस अधीक्षक की तानाशाही समाप्त होगी।







