टूटा नाला बना खतरा, वर्षों से परेशानी झेल रहे रहवासी

टूटा नाला बना खतरा, वर्षों से परेशानी झेल रहे रहवासी
– गौतम नगर रहवासियों के लोगों को सता रहा हादसे का डर
भोपाल, यशभारत। राजधानी के वार्ड क्रमांक 48 स्थित रचना नगर के पास गौतम नगर में एक टूटा हुआ गहरा नाला स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या और हादसों का कारण बनता जा रहा है। लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा यह नाला अब लोगों की जान पर बन आया है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह नाला कई वर्षों से टूटा हुआ है और धीरे-धीरे इसकी हालत और खराब होती जा रही है। नाले के किनारे की दीवारें टूट चुकी हैं, जिससे यह खुला और खतरनाक गड्ढे का रूप ले चुका है। आसपास रहने वाले लोगों को हर समय डर बना रहता है कि कहीं कोई बच्चा, बुजुर्ग या जानवर इसमें गिर न जाए।
बस्ती के लोगों ने बताया कि कई बार इस नाले में मवेशी गिर चुके हैं, जिन्हें बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब नाला पानी से भर जाता है और उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। मौके पर न तो कोई मरम्मत कार्य शुरू किया गया और न ही अस्थायी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम किया गया है।
रहवासियों का कहना है कि नाले के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं, जिससे राहगीरों को खतरे का अंदाजा तक नहीं हो पाता। खासकर रात के समय अंधेरे में यह जगह और अधिक खतरनाक हो जाती है। कई बार लोग बाल-बाल बच चुके हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र के लोगों ने यह भी बताया कि यह रास्ता रोजाना सैकड़ों लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। स्कूल जाने वाले बच्चे, कामकाजी लोग और महिलाएं इसी रास्ते से गुजरती हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस टूटे हुए नाले की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक सुरक्षा के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह नगर निगम प्रशासन की होगी। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देते हैं और रहवासियों को इस खतरे से राहत मिल पाती है या नहीं।







