भोपाल के दिल में ‘बारूद का ढेर’: आग लगने के बाद कलेक्टर का दावा- जल्द शिफ्ट होगा टिंबर मार्केट

भोपाल के दिल में ‘बारूद का ढेर’: आग लगने के बाद कलेक्टर का दावा- जल्द शिफ्ट होगा टिंबर मार्केट
भोपाल, यशभारत: राजधानी के बीचोंबीच स्थित पातरा पुल इलाके का टिंबर मार्केट एक बार फिर भीषण अग्निकांड के बाद सुर्खियों में है। रविवार रात को यहां 108 आरा मशीनों वाले इस मार्केट में लगी आग ने 6 मशीनों को पूरी तरह जला दिया, जिससे ढाई करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ और लगभग दो घंटे तक पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा।
यह टिंबर मार्केट न सिर्फ रिहायशी क्षेत्र के बीच एक ‘बारूद के ढेर’ जैसा खतरा बना हुआ है, बल्कि यह भोपाल मेट्रो परियोजना के अंडरग्राउंड रूट के लिए भी एक बड़ी अड़चन है। आग की घटना के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि 5.85 करोड़ और 18 एकड़ जमीन दिए जाने के बावजूद पिछले डेढ़ साल में इसकी शिफ्टिंग पूरी नहीं हो पाई है।
48 साल पुराना खतरा: बार-बार लगती है आग
यह टिंबर मार्केट करीब 48 साल पुराना है और धीरे-धीरे इसके चारों ओर घनी आबादी बस गई है। रविवार रात करीब 7.30 बजे लगी आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने के लिए दमकल की करीब 40 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग की लपटें टिंबर मार्केट के पीछे से गुजर रहे रेलवे ट्रैक तक पहुंच गईं, जिससे ट्रेनों को सावधानी से निकालना पड़ा। यह पहली बार नहीं है। साल 2016 में भी यहां ऐसी ही भीषण आग लगी थी, जिसे 36 दमकलों ने बुझाया था। पिछले साल भी ऐसी ही घटना हो चुकी है। इन घटनाओं के बावजूद, आरा मशीनें शहर के बीच से शिफ्ट नहीं हो पाई हैं।
आग लगने की घटना के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “छोटा रातीबड़ में जमीन डेवलप की जा रही है। जल्द ही काम पूरा करेंगे और फिर वहां टिंबर मार्केट को शिफ्ट कर देंगे।”
प्रशासन के इस दावे पर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की नजरें टिकी हैं कि क्या इस बार आग की घटना के बाद शिफ्टिंग का यह 18 साल पुराना मसला वाकई हल हो पाएगा, और शहर के बीच से यह बड़ा खतरा टल पाएगा।







