जिस वाहन से दुर्घटना, वह इंदौर कमश्निर के नाम पंजीकृत, बेटी की मौत के मामले में पिता ने उठाए सवाल, एसपी से शिकायत

कटनी, यशभारत। इंदौर में पिछले दिनों कटनी निवासी कॉलेज छात्रा की सडक़ दुर्घटना में मौत को लेकर कई तरह की चोंकाने वाली जानकारियां सामने आई है। जिस ट्रक से दुर्घटना घटित हुई थी, वह वाहन इंदौर नगर निगम आयुक्त के नाम पर पंजीकृत बताया गया है, इसके अलावा पिछले 15 सालों से इस वाहन का न तो बीमा और फिटनेस जमा किया गया था और न ही रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराया गया था। दिवंगत छात्रा के पिता आजाद चौक निवासी वीरेंद्र जार ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि इस पूरे मामले में न्यायोचित कार्रवाई के लिए उन्होंने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि उनकी पुत्री अर्चिता जार सिंबायोसिस कॉलेज इंदौर में अध्ययनरत थी, जिसकी 30 सितम्बर को एरोडम थाना के अन्तर्गत नगर निगम के पानी के टैंकर से हुई दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। आसपास के लोगों द्वारा पीछा कर वाहन चालक को पकडक़र पुलिस के हवाले किया गया था। जब वाहन के संबंध में जानकारी ली गई तो पता चला कि यह वाहन 1995 में पंजीकृत था। इसके बाद उक्त वाहन को री-पंजीयन नहीं कराया गया। यह वाहन इंदौर नगर निगम आयुक्त के नाम दर्ज हैं। पिछले कई सालों से वाहन का फिटनेस नहीं कराया गया। वाहन का प्रदूषण संबंधी दस्तावेज भी नहीं है। इस घोर लापरवाही के लिए नगर निगम आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करते हुये भविष्य में ऐसी दुर्घटना की पुर्नावृत्ति होने से रोका जा सके। वीरेंद्र जार ने बताया कि उक्त रोड जो वर्षों पहले चौड़ीकरण के लिए स्वीकृत थी, उस रोड का चौड़ीकरण नगर निगम द्वारा नहीं किया गया और उस सकरी रोड में नगर निगम पानी के बड़े टैंकर व भारी वाहनों को अंदरूनी मार्गों में चलने के लिए पूर्णत वर्जित होते हुए अंकुश नहीं लगाया गया हैं, जिससे यह दुर्घटना घटित हुई। जिसकी जिम्मेदारी नगर निगम आयुक्त एवं संबंधित अधिकारी की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।







