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मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी: नियमित कर्मियों को चाहिए मनचाहा विभाग

सोशल मीडिया पर दो आदेश वायरल, पसंद का विभाग नहीं मिला तो काम पर नहीं आए कर्मी

जबलपुर, यशभारत। मध्यप्रदेश की इकलौती मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में कार्यरत नियमित कर्मियों को अपने मन मुताबिक काम करना पसंद आ रहा है। स्थिति ऐसी है कि पसंद का विभाग नहीं मिलने पर नियमित कर्मी पर काम पर ही नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दो आदेश वायरल हो रहे हैं एक आदेश 13 जनवरी का है जबकि दूसरा 30 जनवरी का। पहले वाले आदेश में नियमित कर्मियों का कार्यों का बंटवारा किया गया जिसके आदेश कर्मियों तक पहुंचाए गए परंतु कुछ कर्मियों को यह रास नहीं आया और उन्होंने विवि आना ही बंद कर दिया। इस स्थिति को देखकर जिम्मेदार अधिकारी ने दोबारा आदेश जारी किया जिसमें कर्मियों को मनचाहा विभाग दिया तो वह नियमित रूप से यूनिवर्सिटी आने लगे। इसको लेकर विवि में तरह-तरह की चर्चाएं।

सूत्रों का कहना है कि मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में कुछ नियमित कर्मी अपने बनाए गए नियमों के तहत काम करना चाहता हैं इसके लिए बड़े अधिकारियों पर काफी दवाब बनाया जा रहा है। स्थिति ऐसी है कि नियमित कर्मी जिम्मेदार अधिकारियों के आदेशों का पालन भी नहीं कर रहे है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कार्य बंटवारे के आदेश की खबर भोपाल तक पहुुंच गई है, वहां से जिम्मेदार अधिकारियों पर दवाब आ रहा है, कहा जा रहा है कि नियमित कर्मी काम नहीं करते हैं तो उनकी फाइल भेजी जाए।

प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे नियमित कर्मी

सूत्रों की माने तो विवि में कुछ कर्मचारी प्रेशर पॉलीटिक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसकी वजह से अधिकारी वर्ग भयभीत है। जिम्मेदार अधिकारियों पर वेबजह ही दवाब बनाकर मनचाहा कार्य किया जा रहा है। चर्चा तो यहां तक है कि कुछ कर्मी खुद के बनाए गए समय पर यूनिवर्सिटी पहुंचते हैं और चले जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी आगे नहीं आ रहे हैं।

बॉयोमेट्रिक हाजिरी नहीं लग रही है

बताया जा रहा है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी में नियमित कर्मियों की बॉयोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है। जबकि निर्देश है कि सभी कर्मी बॉयोमेट्रिक मशीन से अपनी उपस्थिति दर्ज कराए। हालांकि इस प्रकरण को लेकर कुछ छात्र संगठन और कर्मचारियों से जुड़े नेता भोपाल शिकायत पहुंचाने वाले है।

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