स्वतंत्रता दिवस पर मप्र की जेलों से रिहा होंगे 156 बंदी -रिहा होने वाले आजीवन कारावास से दंडित बंदियों में 6 महिलाएं

स्वतंत्रता दिवस पर मप्र की जेलों से रिहा होंगे 156 बंदी
-रिहा होने वाले आजीवन कारावास से दंडित बंदियों में 6 महिलाएं
भोपाल, यशभारत।
स्वतंत्रता दिवस पर राज्य शासन द्वारा मप्र की 16 केंद्रीय, जिला व सब जेलों से आजीवन कारावास की सजा दंडित 156 बंदियों को रिहा किया जा रहा है। रिहा होने वाले बंदियों में 6 महिलाएं शामिल हैं। मप्र शासन, जेल विभाग की रिहाई नीति के अंतर्गत आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को सजा में विशेष माफी प्रदान की जा रही है। इस नीति के तहत आजीवन कारावास से दंडित बंदियों में बलात्कार, पाक्सो आदि प्रकरण वाले दंडित बंदियों को किसी भी प्रकार की माफी नहीं दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मप्र शासन की रिहाई नीति में आवश्यक संशोधन किया गया है, अब आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को वर्ष में 5 अवसरों पर रिहा किया जाएगा। इससे पहले गणतंत्र दिवस, अंबेडकर जयंती, स्वतंत्रता दिवस एंव गांधी जयंती पर ऐसे बंदियों को रिहा किया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस (15 नवम्बर) को भी आजीवन कारावास से दंडित बंदियों को पात्रतानुसार रिहा किया जाएगा।
इन जेलों से रिहा होंगे 156 बंदी:-
केन्द्रीय जेल उज्जैन 14, केन्द्रीय जेल सतना 17, केन्द्रीय जेल नर्मदापुरम 11, केन्द्रीय जेल बड़वानी 3, केन्द्रीय जेल ग्वालियर 16, केन्द्रीय जेल जबलपुर 14, केन्द्रीय जेल रीवा 19, केन्द्रीय जेल सागर 14, केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर 6, केन्द्रीय जेल इंदौर 10, केन्द्रीय जेल भोपाल 25, जिला जेल देवास 1, जिला जेल टीकमगढ़ 2, जिला जेल इंदौर 2, सब जेल पबई 1 और सब जेल बण्डा से 1 बंदी को रिहा किया जाएगा।
पुनर्वास के लिए सक्षम होंगे बंदी:-
महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरूण कपूर ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर रिहा होने वाले बंदियों को जेल में सजा काटने के दौरान उनके पुनर्वास के लिए टेलरिंग, कॉरपेन्ट्री, लौहारी, भवन सामग्री निर्माण आदि का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वह रिहा होने के बाद अपनी जीवनयापन के साधन अर्जित कर सकें। उन्होंने बताया कि रिहा होने वाले सभी बंदियों से पुन: अपराध नहीं करने की अपील की है, साथ ही उनसे अपेक्षा की है कि वह जेल में रहने के दौरान जो कौशल और प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसका उपयोग अपने व परिवार के जीवनयापन एवं अच्छे समाज के नव निर्माण के लिए सहभागी बनने के लिए करेंगे।
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