एमसीयू में एआई फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स विषय पर एफडीपी 8 जुलाई से

एमसीयू में एआई फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स विषय पर एफडीपी 8 जुलाई से
भोपाल, यश भारत। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स विषय पर आगामी 8 से 17 जुलाई तक दो सप्ताह का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एमसीयू और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित होगा, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, मीडिया प्रोफेशनल्स एवं संबद्ध अध्ययन संस्थानों के शिक्षक सहभागिता करेंगे।
विश्वविद्यालय द्वारा जुलाई 2026 के नए शैक्षणिक सत्र से ही मीडिया पाठ्यक्रमों में एआई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समावेश किया जा रहा है, जिसके तहत स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में दो प्रश्नपत्र एआई आधारित रहेंगे। इन्हीं नए प्रश्न पत्रों के अध्यापन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए इस विशेष एफडीपी का आयोजन किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने बताया कि यह अपनी तरह का पहला अनूठा कार्यक्रम है जो अकादमिक जगत और इंडस्ट्री दोनों ही क्षेत्रों के लोगों के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मीडिया सेक्टर्स में तेजी से प्रभावी हो रही एआई तकनीक को सिखाने और उससे संबंधित कौशल विकसित करने के लिए शिक्षकों को पारंगत करना है।
दो सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एआई और जेनरेटिव कंटेंट, मल्टीफार्म डेटा विद पिनपाइंट, डीपफेक, सिंथेटिक मीडिया फोरेंसिक्स, एआई न्यूजरूम आर्किटेक्चर और एआई एथिक्स जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, तेजी से बदलती मीडिया इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए एजेंटिक एआई और इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग के लिए एआई के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तृत सत्र आयोजित होंगे।
प्रतिभागियों को मीडिया रिसर्च के लिए नोटबुक एलएम एआई और रियल टाइम वेरिफिकेशन तथा डेवलपर लेवल कंट्रोल आदि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस एफडीपी में मुख्य रूप से बालेन्दु कुमार शर्मा, प्रभाष झा, प्रोफेसर उमेश आर्य, प्रत्यूष रंजन, देविका छिब्बर और जय प्रकाश पाराशर सहित इंडस्ट्री, रिसर्च और अकादमिक क्षेत्रों के कई शीर्ष विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।







