
दस्तावेजों में मृत आरोपी सड़क पर स्कूटर चलाते मिला,
आगरा, यशभारत। उत्तर प्रदेश के आगरा में धोखाधड़ी के एक मामले में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस और दस्तावेजों में मृत घोषित किया गया आरोपी ताराचंद शर्मा गांधी नगर इलाके में स्कूटर चलाते हुए जीवित मिल गया। मामले के वादी राजकुमार वर्मा ने उसे पहचान लिया और उसकी फोटो खींच ली। बाद में यही फोटो अदालत में अहम साक्ष्य के तौर पर पेश की गई। आरोप है कि वर्ष 2019 में ताराचंद शर्मा को मृत दिखाने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और मृत्यु आख्या तैयार कर अदालत में पेश की गई थी। इसके आधार पर उसके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई समाप्त हो गई। मामले में तत्कालीन पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत की बात भी सामने आई है। जीवित होने का मामला सामने आने के बाद ताराचंद शर्मा ने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवा नंद गुप्ता की अदालत में आत्मसमर्पण किया और जमानत के लिए आवेदन दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी तथा उसे जेल भेजने के आदेश दिए।मामले में अब फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और मृत्यु आख्या तैयार करने तथा अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है।







