डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर सरकारी ज़मीन निजी नाम पर दर्ज करने वाले दो कर्मचारी निलंबित

जबलपुर, यश भारत।
आधारताल तहसील के अंतर्गत ग्राम रेगवां की शासन हित की 1.90 हेक्टेयर भूमि को निजी व्यक्ति के नाम दर्ज करने के गंभीर मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर तहसील कार्यालय आधारताल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 रमाशंकर मिश्रा और मिलन वरकड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों कर्मचारी तहसीलदार और अतिरिक्त तहसीलदार के रीडर के रूप में कार्यरत थे।
निलंबन आदेश अपर कलेक्टर मिशा सिंह द्वारा जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई तत्कालीन तहसीलदार दीपक पटेल (वर्तमान तहसीलदार, कुंडम) के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। जांच में सामने आया कि इन कर्मचारियों ने तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर शासन की ज़मीन निजी व्यक्ति के नाम कर दी, जिसे बाद में संबंधित व्यक्ति ने बेच दिया।
प्रकरण का पंजीयन 25 जनवरी 2024 को हुआ था, जिसका निराकरण 19 फरवरी 2024 को तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे द्वारा एक पंक्ति के आदेश में किया गया। हालांकि, उनके आदेश की हस्तलिखित प्रति संलग्न नहीं की गई थी। आरोप है कि बाद में 1 मई 2024 को तहसीलदार दीपक पटेल के कार्यभार ग्रहण करने के बाद, बिना उनकी अनुमति के, उक्त आदेश को दोबारा आरसीएमएस पोर्टल पर तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर से अपलोड किया गया। पूछताछ में दोनों कर्मचारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। नतीजतन, रमाशंकर मिश्रा को सस्पेंशन के दौरान सिहोरा एसडीएम कार्यालय और मिलन वरकड़े को कुंडम एसडीएम कार्यालय में अटैच किया गया है। मामला प्रशासन की गंभीरता और डिजिटल सिग्नेचर की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।







