जलसंकट पर सरकार अलर्ट, पेयजल अमले की छुट्टियां निरस्त

जलसंकट पर सरकार अलर्ट, पेयजल अमले की छुट्टियां निरस्त
भोपाल, यश भारत । प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और गहराते जलसंकट को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
रविवार शाम आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्तों, पीएचई और जल निगम अधिकारियों के साथ जल संकट की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश के ग्रामीण एवं मैदानी क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित करने और उसकी नियमित मॉनिटरिंग स्वयं करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा गया कि प्रतिदिन सुबह पेयजल व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित कर समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को हैंडपंप सुधार, टैंकरों से जलापूर्ति, खराब मोटरों की तत्काल मरम्मत तथा संवेदनशील गांवों और वार्डों की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। सरकार ने साफ किया है कि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश के कई जिलों में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। इधर, इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी पेयजल संकट को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा है। कई स्थानों पर नागरिकों ने प्रदर्शन कर नियमित जलापूर्ति की मांग उठाई है। सरकार अब संकटग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अमले को पूरी तरह सक्रिय करने में जुट गई है।







