मुड़वारा स्टेशन में 19 साल बाद भी बुनियादी सुविधाएं नदारद, न सीसीटीव्ही कैमरे लगे, न बनी पुलिस चौकी, अमृत भारत योजना के तहत करोड़ों के विकास कार्यों पर उठ रहे सवाल

कटनी, यशभारत। अमृत भारत स्टेशन कायाकल्प योजना के अंतर्गत रेल मंत्रालय द्वारा देश के विभिन्न रेल्वे स्टेशनों में विकास कार्य कराए गए लेकिन इसके बाद भी कटनी मेंं स्टेशनों की दशा और दिशा नहीं बदली। कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन में आज भी कई तरह की असुविधाओं के चलते यात्री परेशान है। करीब 19 साल पहले अस्तित्व में आए इस स्टेशन में बुनियादी सुविधाओं के प्रयास नहीं किए जाने का नतीजा है कि आज भी यहां यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुड़वारा रेलवे स्टेशन में 5 प्लेटफार्म है, जिसमे प्लेटफार्म नंबर 2, 3 से 4, 5 पर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। जिसके चलते रेल मुसाफिरों के साथ वारदात होने के बाद आरोपियों धरपकड़ में मदद नहीं मिल पा रही। इसी तरह कटनी मुड़वारा स्टेशन के 5 नम्बर प्लेटफार्म की तरफ लोहे की बेरीकेटिंग तो लगाई गई है लेकिन कई स्थानों से इसे खोलकर आवाजाही का रास्ता बना दिया गया है। रेलवे ने बेरीकेटिंग करते हुए बाउंड्री बनवाई गई लेकिन चंद दिनों बाद ही अवैध वेंडरो द्वारा लोहे की बेरीकेटिंग को भेद। अवैध वेंडरो ने जगह-जगह लोहे की पट्टियों को काटकर आवागमन के लिए रास्ता बना डाला। इन लोहे के जाल से यात्री, ऑटो रिक्शा चालक और वेंडर निकल रहे हैं। जिससे ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। रेल मंत्रालय द्वारा अमृत भारत काया कल्प योजना के अंतर्गत विकास कार्य तो कराए लेकिन ये कैसा विकास है, जिसमे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा, न ही ट्रेनों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था है। मुड़वारा रेल्वे स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा संसाधन भी नही है। न सीसीटीव्ही कैमरे है और न ही पुलिस चौकी है। बताया जाता है कि मुड़वारा रेल्वे स्टेशन के बाहरी हिस्से में आरपीएफ की पुलिस चौकी स्थापित थी, जिसे रेल प्रशासन ने हटवा दिया। अब जीआरपी और आरपीएफ के महज दो सिपाहियों के जिम्मे होते पूरे प्लेटफार्म की सुरक्षा और यात्रियों की रक्षा की जिम्मेदारी है।






