भोपाल

मानसून में रेल पटरियों की निगरानी के लिए 292 कर्मचारी तैनात – भोपाल मंडल के 1023 किमी रेल नेटवर्क पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था

मानसून में रेल पटरियों की निगरानी के लिए 292 कर्मचारी तैनात
– भोपाल मंडल के 1023 किमी रेल नेटवर्क पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
– संवेदनशील पुलों पर वॉटर लेवल अलार्म से रखी जा रही नजर
भोपाल, यश भारत । मानसून के दौरान तेज बारिश, जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में रेल परिचालन सुरक्षित रखने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मंडल के करीब 1023 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर ट्रैक, पुल, सिग्नलिंग, विद्युत उपकरण और जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
संवेदनशील और जोखिम वाले स्थानों पर रेल पथ की निगरानी के लिए 118 पेट्रोलमैन और 174 वाचमैन समेत 292 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ये कर्मचारी निर्धारित क्षेत्रों में नियमित मानसून पेट्रोलिंग कर रहे हैं, ताकि ट्रैक में क्षति, जलभराव या किसी अन्य असामान्यता का समय रहते पता लगाया जा सके।
संवेदनशील पुलों पर अलार्म सिस्टम
मंडल के चिन्हित संवेदनशील पुलों पर वॉटर लेवल अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं। जलस्तर में अचानक या असामान्य वृद्धि होने पर इससे समय रहते सूचना मिलने की व्यवस्था की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर रेल परिचालन के संबंध में तत्काल एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
प्रमुख रेलखंडों पर विशेष निगरानी
भोपाल मंडल का नेटवर्क खंडवा-इटारसी, इटारसी-भोपाल, भोपाल-बीना, बीना-गुना और गुना-मक्सी जैसे महत्वपूर्ण रेलखंडों से होकर गुजरता है। इन सेक्शनों की लंबाई क्रमश: 183, 92, 138, 118 और 214 किलोमीटर है। मानसून को देखते हुए इन मार्गों पर पेट्रोलिंग और निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
नालियों और जल निकासी की सफाई
जलभराव से रेल परिचालन प्रभावित न हो, इसके लिए ट्रैक और यार्ड क्षेत्रों में नालियों, पुलियों तथा जल निकासी मार्गों की सफाई कराई गई है। आवश्यक अनुरक्षण कार्य भी किए जा रहे हैं। विद्युतीकृत रेलखंडों में ओवरहेड उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए ट्रैक से बाधा बनने वाली पेड़ों की शाखाओं की छंटाई भी की गई है।
सिग्नलिंग और संचार व्यवस्था भी अलर्ट
मानसून में सिग्नलिंग और संचार व्यवस्था को निर्बाध रखने के लिए सिग्नलिंग केबलों की जांच, मेगरिंग और तकनीकी अनुरक्षण किया जा रहा है। आपात स्थिति में त्वरित संपर्क के लिए वॉकी-टॉकी सेटों को भी कार्यशील और चार्ज अवस्था में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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