ईडी की अंडमान-निकोबार में पहली छापेमारी: 200 करोड़ के लोन घोटाले का खुलासा

पोर्ट ब्लेयर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली बार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बड़ी कार्रवाई करते हुए, 200 करोड़ रुपये के कथित लोन घोटाले की जांच में छापेमारी की है। ईडी ने यह कार्रवाई 31 जुलाई को पोर्ट ब्लेयर और कोलकाता में कुल 11 ठिकानों पर की।
यह छापेमारी अंडमान और निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (ANSCB) में हुए लोन और ओवरड्राफ्ट घोटाले के सिलसिले में की गई है। ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि बैंक ने नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए फर्जी और गैर-मौजूद कंपनियों को करोड़ों रुपये के लोन और ओवरड्राफ्ट दिए।
क्या है मामला?
ईडी के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि बैंक के अधिकारियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऐसे लोगों और कंपनियों को भारी मात्रा में लोन दिए, जो नियमों के दायरे में नहीं आते थे। ये कंपनियां या तो अस्तित्व में नहीं थीं या फिर उनके पास लोन चुकाने की क्षमता नहीं थी। इस तरह से बैंक को 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ।
इस कार्रवाई को अंडमान-निकोबार में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। ईडी ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है।





