भुगतान में देरी और टेंडर की कड़ी शर्तों से फूटा आक्रोश, 13 को निर्माण भवन घेरेंगे MP के शासकीय ठेकेदार

भुगतान में देरी और टेंडर की कड़ी शर्तों से फूटा आक्रोश, 13 को निर्माण भवन घेरेंगे MP के शासकीय ठेकेदार
भोपाल, यश भारत। प्रदेश के बुनियादी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंजीकृत शासकीय ठेकेदारों ने शासन की नीतियों और प्रशासनिक अड़चनों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन मध्य प्रदेश के बैनर तले प्रदेशभर के ठेकेदार आगामी 13 अक्टूबर को राजधानी भोपाल स्थित निर्माण भवन (अरेरा हिल्स) का घेराव कर सुबह 11 बजे से विशाल शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता प्रियंक जैन ने प्रदेश भर के सभी शासकीय ठेकेदारों से भोपाल पहुँचकर अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्कूल और अस्पताल जैसी जनसुविधाओं का निर्माण करने वाले ठेकेदार आज खुद गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहे हैं।
महंगाई और पुराने रेट से थमी रफ्तार
प्रियंक जैन ने बताया कि डामर, डीजल, कॉपर, एल्युमीनियम और अन्य बुनियादी निर्माण सामग्रियों के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन शासन पुरानी दरों पर ही काम कराने पर अड़ा हुआ है। इस स्थिति में काम की गुणवत्ता बनाए रखना और तय सीमा में प्रोजेक्ट पूरे करना असंभव सा हो गया है। इसके साथ ही लंबे समय से भुगतान अटकने से ठेकेदारों का दम घुट रहा है।
एसोसिएशन की शासन से दो प्रमुख माँगें:
अव्यावहारिक शर्तें तुरंत खत्म हों: टेंडर प्रक्रियाओं में लगाई जा रही अनावश्यक, जटिल और अव्यावहारिक शर्तों को फौरन निरस्त किया जाए।
मशीनरी स्वामित्व की बाध्यता हटे: निविदाओं में खुद की मशीनरी होने की अनिवार्यता खत्म की जाए और ठेकेदारों को जरूरत के हिसाब से मशीनरी किराये पर लेने या खरीदने की छूट मिले।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि शासन ने समय रहते उनकी वाजिब माँगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेश में निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो सकते हैं।






