मध्य प्रदेशराज्य
सामर्थ एप पर शिक्षकों की उपस्थित के मामले में विकासखंड बजाग फिसड्डी, डिंडोरी ब्लाक टॉप पर

यश भारत डिंडोरी |मध्यप्रदेश सरकार के जनजातीय कार्य विभाग भोपाल ने शिक्षकों की उपस्थिति अब EHRMS मोबाइल ऐप के माध्यम से अनिवार्य कर दी है। विभाग ने निर्देश जारी किए हैं जिसके अनुसार माह अक्टूबर का वेतन केवल उसी शिक्षक को दिया जाएगा जिसकी उपस्थिति इस एप में दर्ज होगी।
इस संबंध में संभागीय कार्यालय जनजातीय कार्य विभाग जबलपुर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जबलपुर संभाग स्तर पर डिंडौरी विकास खंड के शिक्षक सबसे अधिक उपस्थिति दर्ज की है। वहीं विकास खंड बजाग में शिक्षकों की आनलाइन उपस्थिति के मामले में इस नियम की खुल कर धज्जियां उड़ाई गई। और महज एक शिक्षक ही आनलाईन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
बता दें कि जनजातीय कार्य विभाग जबलपुर संभाग ने EHRMS मोबाइल ऐप में उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों की उपस्थिति रिपोर्ट जारी किया गया है। जिसमें डिंडौरी ब्लॉक के 640 शिक्षक ईएचआरएमएस एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, जो संभाग में सबसे अधिक है। दूसरे नंबर पर शहपुरा ब्लॉक 559 शिक्षकों के साथ है, जबकि समनापुर ब्लॉक तीसरे स्थान पर है जहां 321 शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की गई है। मेंहदवानी ब्लॉक में 292 अमरपुर ब्लॉक में 221 करंजिया में 27 और बजाग ब्लॉक में केवल 01 शिक्षक ने एप पर उपस्थिति दर्ज की है। जबलपुर संभाग के समस्त जिलों और विकासखंडों के आंकड़ों के अनुसार कुल 4371 शिक्षकों ने ईएचआरएमएस एप में अपनी उपस्थिति दर्ज की है। जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त ने आदेश में स्पष्ट कहा है कि अक्टूबर माह का वेतन केवल इस एप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर जनरेट किया जाएगा। यदि किसी विकासखंड शिक्षा अधिकारी या डीडीओ द्वारा इस व्यवस्था में लापरवाही की जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसकी दो वेतनवृद्धि रोकी जाएगी।
विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना शिक्षण व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता लाना है संभागीय स्तर पर जारी रिपोर्ट में डिंडौरी जिले का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है जिससे जिले का नाम पूरे संभाग में शीर्ष पर आया है जबकि बजाग ब्लॉक की स्थिति सबसे कमजोर रही है उसका कारण भी बजाग ब्लाक के बीईओ की खुलेआम लापरवाही और, निज स्वार्थवस नियमविरुद्ध तरीके से कार्य करने के चलते है। जिसके चलते केवल एक शिक्षक ने एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज की है। विभागीय अधिकारियों ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति ईएचआरएमएस एप पर दर्ज करें ताकि वेतन में किसी प्रकार की बाधा न आए। आपको बता दें कि डिंडोरी जिले का बजाग विकास खंड शिक्षा की दृष्टि से भी फिसड्डी साबित हो रहा है क्योंकि अधिकांश शिक्षक बेरोकटोक छुट्टी मना रहे हैं और कुछ ड्यूटी पर तैनात ना होने के बाद भी शिक्षा अधिकारी से सांठगांठ कर वेतन ले रहे है और शिक्षा अधिकारी के द्वारा नियमों को ताक पर रखकर प्रभारी मंत्री की बिना अनुसंशा के अनेक शिक्षकों को संलगनीकरण किया गया है। बजाग बीईओ की पत्नी प्राथमिक शिक्षक होने के बाद भी विकास खंड बजाग के सबसे बड़े हास्टल कन्या परिसर की अधीक्षिका बनाई गई हैं जहां प्रतिदिन बीईओ का जबरदस्त इंटरफेयर रहता है। कन्या शिक्षा परिसर में एक ही महिला अधीक्षिका 3600 ग्रेट पे के स्तर की शिक्षिका की पोस्ट है पर उच्चाधिकारियों की सांठगांठ और बीईओ की मनमानी के चलते नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है जिसकी जांच डिंडोरी कलेक्टर स्वयं कर रहीं है। आखिर जिले में फिसड्डी एक विकासखंड में शिक्षा अधिकारी की निगाह शिक्षा को व्यापार में बदलने की है जिसके चलते बड़े स्तर पर लापरवाही के चलते बजाग शिक्षा क्षेत्र में फिसड्डी साबित हो रहा है।
इनका कहना है …
जानकारी मुझे भी प्राप्त हुई है, जांच चल रही है जल्द कार्यवाही की जायेगी l
राजेन्द्र जाटव, सहायक आयुक्त, जनजाति कार्य विभाग डिंडोरी





