सागर शराब त्रासदी: दिल्ली से केमिकल, ग्वालियर से रैपर… इस तरह तैयार हुआ ‘मौत का सिंडिकेट’, 40 जिंदगियां खामोश

सागर, यशभारत l मध्यप्रदेश के सागर जिले का बंडा क्षेत्र इस समय गहरे शोक और आक्रोश के साये में है। क्षेत्र में जहरीली (अवैध/नकली) शराब पीने से अब तक 40 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर हालत में विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस हृदयविदारक त्रासदी ने कई परिवारों को पूरी तरह उजाड़ दिया है। चीख-पुकार और मातम के बीच स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का काला कारोबार बेखौफ चल रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
पुलिस और प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि यह कोई स्थानीय स्तर पर हुई साधारण चूक या मामूली मिलावट नहीं थी। इसके पीछे एक बेहद संगठित और शातिर अंतरराज्यीय सिंडिकेट (अंतर्राज्यीय गैंग) काम कर रहा था, जिसके तार दिल्ली और ग्वालियर तक जुड़े हुए थे:
दिल्ली से केमिकल सप्लाई: दिल्ली की ‘आरएन केमिकल’ (RN Chemicals) नामक फर्म से इंडस्ट्रियल स्पिरिट और थिनर को प्लास्टिक के बड़े-बड़े ड्रमों में भरकर गुप्त रूप से सागर भेजा जाता था।
ग्वालियर से पैकेजिंग सामग्री: नकली शराब को असली ब्रांडेड शराब का रूप देने के लिए ग्वालियर से करीब 11,000 खाली बोतलें, नामी शराब कंपनियों के नकली रैपर, डाई मशीनें और ढक्कन सील करने वाले आधुनिक उपकरण मंगवाए जाते थे।
अवैध ठिकानों पर इन केमिकल्स में पानी और घातक तत्व मिलाकर देशी और अंग्रेजी जहरीली शराब तैयार की जाती थी।
गांव-गांव में बिक्री का जाल: सिंडिकेट से जुड़े आरोपी—चंदू राजा, मनीष लोधी, आशीष साहू, सिद्धार्थ कुशवाहा और रोहित पटेल—लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ के साथ-साथ गांवों की अवैध किराना दुकानों और गुप्त ठिकानों के जरिए कमीशन के लालच में इस ‘धीमे जहर’ को बेचते थे।
नाटकीय मोड़: अपनी ही जहरीली शराब पीने से मुख्य सरगना का अंत
इस पूरे घटनाक्रम में एक बेहद नाटकीय और अप्रत्याशित मोड़ तब आया, जब अवैध नेटवर्क के मुख्य आरोपियों में से एक दिनेश शिवहरे और उसका एक साथी अपनी ही बनाई जहरीली शराब के शिकार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, सफर के दौरान अपनी ही शराब की गुणवत्ता जांचने (टेस्टिंग) के लिए दोनों ने इसका सेवन किया। रास्ते में ही जहरीली शराब के तीव्र घातक असर के कारण मुख्य सरगना दिनेश शिवहरे की भी मौत हो गई।
प्रशासन का कड़ा प्रहार: 52 गिरफ्तार, 2 एनकाउंटर और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर
घटना की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में आ गयाl
52 से अधिक आरोपी गिरफ्तार: पुलिस की विशेष टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर सिंडिकेट से जुड़े 52 से अधिक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दो स्थानों पर पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर): आरोपियों की धरपकड़ के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने घेराबंदी कर अपराधियों को दबोचा।
अवैध संपत्तियों पर चला बुलडोजर: शराब माफियाओं का मनोबल तोड़ने और कड़ा संदेश देने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के अवैध मकानों, गोदामों और अन्य बेनामी संपत्तियों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।
प्रशासन का बयान
“यह एक जघन्य अपराध है। सिंडिकेट की पूरी चेन को ध्वस्त कर दिया गया है। मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कारोबार में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।”







