रिटायर्ड आईएएस हत्याकांड: आगरा के बाद दिल्ली में दिखा भगोड़ा केयरटेकर, फेस रिकग्निशन कैमरे ने पकड़ी तस्वीर

रिटायर्ड आईएएस हत्याकांड: आगरा के बाद दिल्ली में दिखा भगोड़ा केयरटेकर, फेस रिकग्निशन कैमरे ने पकड़ी तस्वीर
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना अंतर्गत सूरजनगर में हुए चर्चित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की पड़ताल अब देश की राजधानी तक पहुँच चुकी है। वारदात के बाद से फरार चल रहे आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार की नई लोकेशन दिल्ली में ट्रैक हुई है, जहाँ वह एक रेलवे स्टेशन पर लगे अत्याधुनिक फेस डिटेक्टर कैमरे की गिरफ्त में आ गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने आरोपी वरुण पर 50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। पुलिस टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी द्वारा मोबाइल का इस्तेमाल न करना बनी हुई है। डिजिटल लोकेशन न मिलने के कारण पुलिस अब पारंपरिक और सर्विलांस दोनों तरीकों पर एक साथ काम कर रही है।
परिजनों और करीबियों पर शिकंजा
आरोपी की पनाहगाहों का सुराग लगाने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों ने पटियाला और आगरा में रहने वाली उसकी दो बहनों से विस्तृत पूछताछ की है। इसके साथ ही ग्वालियर में मौजूद उसके पिता और सौतेली मां से भी आरोपी के व्यवहार और संभावित ठिकानों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
आगरा से दिल्ली की ओर मूवमेंट
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आगरा-मथुरा रूट पर आरोपी की आखिरी मौजूदगी के संकेत मिलने के बाद से ही दिल्ली, हरियाणा और पंजाब पुलिस को सतर्क कर दिया गया था। विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दिल्ली में उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। अब पुलिस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि उसने आगरा से कौन सी ट्रेन पकड़ी थी और दिल्ली के बाद वह किस दिशा में निकला है।
दो दिन पुरानी नौकरी और खूनी वारदात
गौरतलब है कि बीते 30 सितंबर को सूरजनगर स्थित आवास में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। वारदात के महज दो दिन पहले ही आरोपी वरुण को देखभाल के लिए नौकरी पर रखा गया था। घटना के तुरंत बाद से ही उसका गायब होना उस पर सीधे संदेह की वजह बना, जिसके बाद से पुलिस की कई टीमें उसकी धरपकड़ में जुटी हुई हैं।







