बिजली चोरी करने में रसूखदार भी पीछे नहीं, AC लगे मकानों की चेकिंग में खुली पोल, 2 लाख रूपये के प्रकरण दर्ज

दमोह। जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग ने अब कमर कस ली है। अधीक्षण अभियंता दमोह के निर्देशन में विभाग ने उन इलाकों पर फोकस करना शुरू कर दिया है, जहाँ बिजली की खपत ज्यादा है लेकिन बिल कम आ रहे हैं। इस सघन चेकिंग अभियान के तहत विशेष रूप से उन रसूखदार और संपन्न लोगों के घरों की जांच की जा रही है, जिनके घरों में एयर कंडीशनर (AC) लगे हुए हैं एवं भारी लोड चलाते है।
जिसके तहत अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में 4 टीमें गठित की गई। जिसमें कार्यपालन अभियंता मोतीलाल साहू के मार्गदशन में सहायक अभियंता राघवेन्द्र इडिपाचे ,कनिष्ठ अभियंता पूजा खोब्रागडे शिवानी गुप्ता के साथ लाइन कर्मचारी मनीष दुबे पुरूषोत्तम मिश्रा आदि लाइन कर्मचारी एवं आऊटसोर्स कर्मचारीओं की टीम बनाकर अलग अलग स्थानों सिंधी कैम्प , मंडी एरिया तीन गुल्ली चौराहा के पास आदि स्थानों पर जांच कराई गई । सघन जांच के दौरान कई स्थानों पर मीटर में छेड़छाड़, डायरेक्ट केबल डालकर बिजली उपयोग करना एवं स्वीकृत भार से अधिक उपयोग जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं। चैकिंग के दौरान कुल 12 नंबर घरों में विधुत चोरी पाई गई जिनके विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत लगभग 2 लाख रूपये के प्रकरण दर्ज कर मौके से विधुत चोरी करने वालों की लाइन काटकर तार एवं वायर जप्त किये गये।
*एसी उपयोगकर्ताओं पर विशेष निगरानी*
अधीक्षण अभियंता के निर्देशानुसार ऐसे मकानों की सूची तैयार की गई है जहां अत्यधिक विद्युत खपत दर्ज हो रही है। इन स्थानों पर मीटर, सर्विस लाइन एवं लोड की गहन जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि कुछ उपभोक्ता सामान्य घरेलू कनेक्शन पर भारी विद्युत उपकरण संचालित कर राजस्व हानि पहुंचा रहे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है असर
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बिजली चोरी के कारण ट्रांसफार्मर ओवरलोड होते हैं, लाइन लॉस बढ़ता है तथा आम उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज एवं बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी कारण अब पूरे दमोह वृत्त में सख्त निगरानी रखी जा रही है।
जनता से सहयोग की अपील
अधीक्षण अभियंता ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैध विद्युत कनेक्शन का ही उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की विधुत चोरी पाए जाने पर चोरी की सूचना विभाग को दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिजली चोरी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में और अधिक कठोर अभियान चलाया जाएगा एवं उनके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







