नंबर गलत तरीके से दर्ज कर वेयरहाउस में पहुंचाई जा रही गाडिय़ां, धान उपार्जन के बाद अब परिवहन में सामने आ रहीं गड़बडिय़ां, शिकायतों के बाद कलेक्टर ने की कार्रवाई

कटनी, यशभारत। जिले में इन दिनों धान परिवहन का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमे लगातार गड़बडिय़ों की शिकायत आ रही हैं। कहीं तो परिवहन शत प्रतिशत हो रहा हैं तो कही केंद्रों में प्रभारियों और परिवहन कर्ता कंपनी की लापरवाही से किसानों की अमूल्य संपदा खुले में पड़ी हैं, ऐसे में केंद्रों से धान चोरी होने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही हैं।
पार्वती समूह करेला से लोड गाड़ी नहीं पहुंची वेयरहाउस
सूत्रों के हवाले से आई जानकारी में बताया गया की ट्रक क्रमांक एमपी 21 एच 17 30 गाड़ी पार्वती समूह करेला से लोड तो हुई लेकिन वेयरहाउस नहीं पहुंची बल्कि कागजो के सहारे अन्य गाड़ी का कांटा करा मझगवां ओपन कैम्प में जमा कराने की साजिश रची गई। भला हो किसी भलमानस का उसने कलेक्टर आशीष तिवारी को मैसेज कर दिया।
कलेक्टर ने की जांच, अधिकारियों को किया तलब
कलेक्टर ने तुरंत उपार्जन परिवहन जुड़े विभागों के अधिकारियों को तलब किया। जैसा कि होता आया है सम्बंधित विभाग के किसी सूत्र ने परिवहन ठेकेदार को समय रहते गोपनीय जानकारी उगल दी इसके बाद जब तक खड्य अधिकारीए नानएकी टीम ओपन कैम्प पहुँची तब तक मामला रफा दफा कर दिया गया।
गलती से गाड़ी नंबर डालने का दिया गया जबाब
सूत्रों ने बताया कि साजिश के तहत किसी अन्य गाड़ी का कांटा किया गया, फिर उस वाहन को वेयरहाउस परिसर में दर्शाया गया, गेट पास काटा गया जब कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों की जांच होने लगी तो गोलमोल जबाब दिया जाने लगा कि यह गलती से गाड़ी नंबर डाल गया। अब आप ही बताइये 1730 का 1733 या 1743 हो सकता है। 2440 किसी भी हालत में गलती नहीं हो सकती अगर अधिकारी थोड़ी देर और न पहुचते तो उक्त गाड़ी में लोड 28 टन धान खाली भी होना भी दर्शाई जाती।
पूर्व में भी आई शिकायतें
इस पूरे मामले जीआरसी कंपनी के ठेकेदार औऱ कर्मचारियों की मिलीभगत का मामला बताया जा रहा हैं। इनकी पूर्व में भी शिकायत आती रही है। इस तरह के घोटालों को रोकने के लिए वेयरहाउस और लॉगिस्टिक्स कंपनियों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा और गाडिय़ों की जांच को अधिक सख्त बनाना होगा।







