पानी के पहरे में कैद थीं सांसें: SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन , डिप्टी सीएम के एक्शन के बाद करीब 1 दर्जन लोग सुरक्षित निकाले गए

रीवा । रीवा में भारी बारिश के बाद रीवा शहर के कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी थी। अधिकांश क्षेत्रों में अब हालात सामान्य हैं। हालांकि, गायत्री नगर में अभी भी पानी भरा हुआ है। बुधवार को यहां जलभराव के कारण करीब चार से पांच गंभीर रूप से बीमार महिला-पुरुष इलाज के लिए घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। सूचना मिलने पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बीमार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 1 दर्जन लोगों का रेस्क्यू किया।

बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी
गायत्री नगर में पानी भरा होने के कारण गंभीर रूप से बीमार लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही थी। रीना तिवारी फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित हैं। वहीं, शुभम सिंह परिहार हादसे के बाद पैरों में तेज दर्द से परेशान हैं। जलभराव के कारण दोनों समेत अन्य बीमार लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने में दिक्कत हो रही थी।

मामले की जानकारी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल तक पहुंची। उन्होंने बीमार लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला सेनानी मीनाक्षी चौहान के मार्गदर्शन में पांच सदस्यीय एसडीआरएफ टीम गायत्री नगर के लिए रवाना हुई।

एसडीआरएफ की टीम ने जलभराव के बीच पहुंचकर करीब 9 लोगों का रेस्क्यू किया। इनमें कुछ गंभीर रूप से बीमार लोग भी शामिल थे। सभी को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
एसडीआरएफ कमांडर विकास कुमार पांडेय ने बताया कि गायत्री नगर में अभी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सूचना मिलने पर पांच सदस्यीय टीम को मौके पर भेजा गया था। टीम ने करीब 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू टीम को दोबारा भेजा जाएगा।
इन इलाकों में भी भरा था पानी
19 और 20 अगस्त की बारिश के बाद तरहटी, उपरहटी, संजय नगर, समान क्षेत्र, वार्ड क्रमांक 15, अरुण नगर, आनंदपुर, शिल्पी उपवन कॉलोनी, लाखोरीबाग, विभीषण नगर, बिछिया और फूल मंडी सहित कई इलाकों में पानी भर गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में देह, कैथा, गंथा, बजरा, सोनौरी कटरा, बसाहट और कठौली समेत कई गांव भी प्रभावित हुए थे। इनमें से अधिकांश क्षेत्रों में अब हालात सामान्य हैं।







