कटनी

टेंडर समाप्त, फिर भी दीनदयाल रसोई चला रहा एनजीओ, निर्देशों की अव्हेलना : स्व-सहायता समूह की बजाय निजी एजेंसी को ठेका, ऑनलाइन टेंडर जारी, नगर निगम अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

कटनी, यशभारत। दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत रसोई का संचालन स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाने के शासन स्तर पर निर्देश हैं, लेकिन कटनी में स्व-सहायता समूह की बजाए अन्य अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से दीनदयाल रसोई का संचालन किया जा रहा है। इसमे भी इन संस्थाओं का ठेका एक साल पहले ही समाप्त हो चुका है, इसके बाद भी कतिपय कर्मचारियों की सरपरस्ती में अशासकीय संस्थाओं द्वारा दीनदयाल रसोई का संचालन किया जाता रहा। सूत्रों ने बताया कि दीनदयाल रसोई का संचालन स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाने को लेकर तत्कालीन कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के कार्यकाल में फाइल भी तैयार हो गई थी और टेंडर जारी किये जाने की तैयारी थी लेकिन उनके तबादले के बाद से लेकर अब तक फाइल सरकारी दफ्तरों में धूल खा रही है। विदित हो कि राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है और रोजगार/व्यवसाय से जोडक़र समूह में काम करने वाली महिलाओं की दिशा और दशा बदलने का प्रयास कर रही है, लेकिन कटनी जिले में इन निर्देशों पर अमल नहीं हो रहा है। कहीं एनजीओ तो कहीं पेटी कांटे्रक्ट के माध्यम से रसोई का संचालन किया जा रहा है। मुनाफाखोरी के इस खेल में अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि करीब एक साल टेंडर समाप्त होने के बाद भी घनश्याम सेवा समिति के माध्यम से दीनदयाल रसोई का संचालन कराने के पीछे नगर निगम के अधिकारियों का क्या मकसद है और जब टेंडर समाप्त हो गया था तो जल्द से जल्द नया टेंडर जारी कराने के लिए प्रयास क्यों नहीं किए गए। गौरतलब है कि कटनी जिले में दीनदयाल रसोई योजना के अंतर्गत आश्रय स्थल बस स्टेण्ड, नवीन केन्द्र पुराना आरटीओ भवन और जिला चिकित्सालय के पास दीनदयाल रसोई संचालित की जा रही गई है। इसके अलावा चलित रसोई का भी संचालन किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत हर गरीब को पौष्टिक, स्वादिष्ट एवं संतुलित भोजन 10 रूपये प्रति थाली में उपलब्ध कराया जा रहा है।
क्या है योजना
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्य के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से गरीब परिवारों का आगमन होता है। नगरीय क्षेत्रों में रैन बसेरा, आश्रय स्थल का निर्माण कर अस्थायी आवास की व्यवस्था की जाती है, परन्तु भोजन की समुचित व्यवस्था न होने से गरीब परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है तथा कार्य एवं व्यवसाय की तलाश में आने वाले गरीब परिवारों को भोजन की व्यवस्था के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है, साथ ही कई गरीब शहरी परिवारों को भी वर्तमान में सस्ते दर पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसे दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में दीनदयाल अन्त्योदय रसोई योजना प्रदेश के 52 जिला मुख्यालयों संचालित की जा रही है।
गंदगी के बीच बन रहा भोजन
प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए शुरू की गई दीनदयाल रसोई योजना का उद्देश्य था कि कोई भी भूखा न सोए और सम्मानपूर्वक 5 रूपए में भरपेट भोजन उपलब्ध हो लेकिन कटनी जिले में इस योजना के तहत भोजन वितरण का कार्य के दौरान गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित रसोई केंद्रों पर साफ सफाई का अभाव देखा जा रहा है। कई जगहों पर भोजन गंदगी, मक्खियों और बदबूदार वातावरण के बीच परोसा जा रहा है, जिससे न केवल भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भोजन स्थल के आसपास कचरे के ढेर लगे होते हैं और न तो नियमित सफाई होती है, न ही कोई निरीक्षण।
केंद्र का नाम
दीनदयाल अन्त्योदय रसोई केन्द्र 01 आश्रय स्थल, बस स्टेंड
दीनदयाल अंत्योदय रसोई केन्द्र 02 सामुदायिक भवन लाल बहादुर शास्त्री वार्ड
दीनदयाल अंत्योदय रसोई केन्द्र 03 पुराना आरटीओ, जिला अस्पताल
दीनदयालचलित रसोई
इनका कहना है
इस पूरी योजना की मॉनीटरिंग करने वाले सिटी डेवलपमेंट मिशन के मैनेजर यश रजक का कहना है कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत संचालित दीनदयाल रसोई के नए टेंडर जारी किए जा चुके हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button