वाह रे! डिजिटल इंडिया : 702 जर्जर भवन, महज 22 को मंजूरी: स्कूल की दीवार गिरी:44 बच्चे दर्ज, छुट्टी से हादसा टला

मंडला, यशभारत ।जिले के इमली टोला गांव में सरकारी स्कूल के जर्जर भवन की दीवार अचानक गिर गई। कृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी के कारण स्कूल बंद था। बच्चे और शिक्षक मौजूद नहीं थे, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।
1996 में बना था स्कूल भवन
स्थानीय लोगों ने बताया कि इमली टोला का प्राथमिक स्कूल भवन 1996 में बनाया गया था। यहां पहली से पांचवीं तक करीब 44 बच्चे पढ़ते हैं।
भवन लंबे समय से खराब हालत में है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है और प्लास्टर भी गिरता रहता है।
बारिश में सामुदायिक भवन में लगती हैं कक्षाएं
बारिश तेज होने पर स्कूल की कक्षाएं कई बार सामुदायिक भवन में लगानी पड़ती हैं। बारिश कम होने के बाद बच्चों को वापस पुराने भवन में बैठाया जाता है। भवन की दीवारों में दरारें भी बताई गई हैं।
कलेक्टर को दिया था आवेदन
ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने स्कूल भवन की स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को जानकारी दी थी। 20 जुलाई को कलेक्टर को आवेदन देकर नया स्कूल भवन बनाने की मांग भी की गई थी। आवेदन में छत से प्लास्टर गिरने, दीवारों में दरार और बारिश में पानी टपकने की शिकायत की गई थी।
702 स्कूल भवनों को मरम्मत की जरूरत
जानकारी के अनुसार, मंडला जिले में करीब 1950 सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन हैं। इनमें लगभग 702 भवनों को मरम्मत की जरूरत बताई गई है। विभाग ने जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं।
580 प्रस्तावों में 22 को मिली मंजूरी
पिछले साल करीब 580 स्कूल भवनों की मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से अब तक 22 प्रस्तावों को ही मंजूरी मिली है। इमली टोला में दीवार गिरने की घटना के बाद ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द नए भवन की मांग की है।





