कटनीमध्य प्रदेश

रेत का बड़ा खेल, रिकॉर्ड में लाखों घनमीटर—मौके पर रेत गायब!

इतना बड़ा स्टॉक अंतर नहीं समझा सकी फर्म, कलेक्टर कोर्ट ने अवैध परिवहन मान 27.44 करोड़ की शास्ति ठोकी

रेत का बड़ा खेल, रिकॉर्ड में लाखों घनमीटर—मौके पर रेत गायब!

पोर्टल पर 1.46 लाख घनमीटर रेत, मौके पर 100 घनमीटर भी नहीं

इतना बड़ा स्टॉक अंतर नहीं समझा सकी फर्म, कलेक्टर कोर्ट ने अवैध परिवहन मान 27.44 करोड़ की शास्ति ठोकीScreenshot 20260905 183351 Google Screenshot 20260905 183555 Google

कटनी,यशभारत। रेत का स्टॉक पोर्टल पर दर्ज रहा, लेकिन मौके पर पहुंची जांच टीम को लाखों घनमीटर रेत नजर नहीं आई। विजयराघवगढ़ के पुरैनी स्थित मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के भंडारण स्थल की जांच में 1 लाख 46 हजार 362 घनमीटर रेत का अंतर सामने आया। पोर्टल पर 1 लाख 46 हजार 462 घनमीटर स्टॉक दर्ज था, जबकि मौके पर सिर्फ करीब 100 घनमीटर रेत मिली।
इतने बड़े अंतर के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हुआ कि आखिर पोर्टल पर दर्ज रेत गई कहां? फर्म से रेत के वैध विक्रय और परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह इतने बड़े अंतर का संतोषजनक हिसाब प्रस्तुत नहीं कर सकी। मामले की सुनवाई के बाद कलेक्टर न्यायालय ने इसे अवैध परिवहन का मामला माना।

रेत गायब, दस्तावेज भी नहीं

पुरैनी में स्वीकृत भंडारण स्थल की जांच के दौरान वास्तविक स्टॉक और सेंड पोर्टल के रिकॉर्ड में भारी अंतर मिला था। विभाग ने फर्म से वैध परिवहन पास, विक्रय अभिलेख और अन्य दस्तावेज मांगे, लेकिन प्रस्तुत दस्तावेज 1.46 लाख घनमीटर से अधिक रेत के अंतर को स्पष्ट नहीं कर सके।
न्यायालय ने भी माना कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में रेत वैध तरीके से बेची या परिवहन की गई थी तो उसके समर्थन में पर्याप्त वैधानिक दस्तावेज होना जरूरी था।

1.83 करोड़ की रॉयल्टी पर 15 गुना दंड

कलेक्टर न्यायालय ने 1,46,362 घनमीटर रेत का अंतर स्थापित मानते हुए संबंधित फर्म को अवैध परिवहन के लिए जिम्मेदार माना। इस मात्रा की निर्धारित रॉयल्टी 1 करोड़ 83 लाख 95 हजार 310 रुपये आंकी गई।
खनिज नियमों के तहत रॉयल्टी की 15 गुना राशि यानी 27 करोड़ 44 लाख 29 हजार 650 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। फर्म को यह राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई ने रेत के स्टॉक की ऑनलाइन एंट्री और मौके पर उपलब्ध वास्तविक मात्रा के बीच निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला यह भी सामने लाता है कि रिकॉर्ड में दर्ज भारी मात्रा में रेत यदि मौके पर मौजूद नहीं थी, तो उसके परिवहन और निकासी का पूरा हिसाब आखिर कहां है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button