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जब घर बैठे मिलेंगे चाकू तो घटनाएं तो बढ़ेगी ही ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों पर शिकंजा की जरूरत

जब घर बैठे मिलेंगे चाकू तो घटनाएं तो बढ़ेगी ही ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों पर शिकंजा की जरूरत

जबलपुर यश भारत। शहर एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में चाकूबाजी की घटनाओं का ग्राफ जिस तेजी से बढा है वह गंभीर चिंता का विषय है। चाकूबाजी की घटनाओं के पीछे कहीं ना कहीं वह ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियां भी जिम्मेदार है जो अपने फायदे के लिए ऑर्डर मिलने पर घर बैठे चीन चाकू उपलब्ध करा रहे हैं। यह कितना घातक हो सकता है शायद इसका अंदाजा किसी को नहीं है। ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए चायना चाकू मंगाने वालों में ज्यादा संख्या कम उम्र और किशोरवय के लड़कों की है। जिनमें से कुछ तो सिर्फ शौक के लिए ही इन्हें मंगाते हैं और बाद में छोटी से विवाद पर भी इनका इस्तेमाल कर लेते हैं जो गंभीर घटना का कारण बन जाता है। कुछ पेशेवर अपराधी भी का खूब फायदा उठा रहे हैं। यदि हाल के दिनों में हुई चाकू बाजी की घटनाओं पर नजर डाली जाए तो ज्यादातर घटनाओं में कम उम्र के लड़कों का ही हाथ है। जिस तरह से चाकू बाजी की घटनाएं बढ़ी है उससे आम आदमी अब अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगा है खुशी हमेशा यह भय सताता रहता है कि न जाने कब कौन छोटी सी बात पर चाकू चला दे। और यही बात लोगों को डरा रही है। यदि हाल की कुछ घटनाओं पर नजर डाली जाए को दो-तीन दिनों में ही चाकू बाजी की करीब एक दर्जन घटनाएं सामने आई है और इनमें से दो घटनाओं में तो चाकू बाजी के चलते दो लोगों की मौत भी हो गई और एक छात्र नेता अभी भी जिंदगी से जूझ रहा है।

पहले भी होती थी घटनाएं पर……..

ऐसा नहीं है की चाकू बाजी की घटनाएं पहले के दौर में सामने नहीं आती थी लेकिन तब कभी कभार ही इस तरह की घटनाएं सामने आई थी और उन घटनाओं में भी बटनदार चाकू और 555 जैसी चाकू का उपयोग होता था जो आज के चायना चाकू से कम घातक होती थी। लेकिन वर्तमान में जिस तरह से चायना चाकू का चलन बढा है वह काफी घातक सिद्ध हो रहा है और इसके लिए कहीं ना कहीं ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियां ही जिम्मेदार है। पहले चाकू बाजी की घटनाओं को ज्यादातर अपराधी प्रवृत्ति के लोग ही अंजाम देते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है अब तो शौकिया तौर पर ऑनलाइन चाकू मांगने वाले भी छोटे-छोटे विवाद पर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ तो हो ही रहा है साथ ही कम उम्र के लड़कों का भविष्य भी बर्बाद हो रहा है और कुछ शातिर तो इन लड़कों का अपने लिए भी उपयोग कर रहे हैं।

पूर्व में पुलिस ने दिखाई थी सक्रियता लेकिन फिर सब कुछ ठंडी बस्ते में

कुछ महीने पहले जब इसी तरह चाकू बाजी की घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढा था तो यश भारत ने अपने समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित कर ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए आसानी से उपलब्ध होने वाले चाकू के संबंध में पुलिस प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित कराया था। और इसे पुलिस ने भी गंभीरता से लेते हुए न केवल ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों को पत्र लिखा था बल्कि यह भी सुनिश्चित किया था कि चाकू बाजी की घटना करने वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाएगा लेकिन कुछ समय के बाद यह पूरी कवायद ठंडी बस्ते में चली गई और जिसका परिणाम है कि आज एक बार फिर शहर और जिले में चाकू बाजी की घटनाओं के ग्राफ में उल्लेखनीय इजाफा नजर आ रहा है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों से संपर्क कर चाकू की डिलीवरी पर प्रभावी रोक लगवाये बल्कि पूर्व की तरह घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किया जाए तब कहीं जाकर ही घटनाओं पर अंकुश लगना संभव हो सकता है।

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