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प्रयागराज माघ मेले में लगातार तीसरी बार लगी आग, एसडीएम के भतीजे की जलकर दर्दनाक मौत

Third consecutive fire at Prayagraj Magh Mela; SDM's nephew burns to death

प्रयागराज माघ मेले में तीसरी बार लगी आग, एसडीएम के भतीजे की जलकर दर्दनाक मौत

प्रयागराज,यश भारत।प्रयागराज माघ मेला में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गुरुवार की रात मेला क्षेत्र में लगातार तीसरी बार आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें झुलसने से 22 वर्षीय मानस मिश्र की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक एसडीएम के भतीजे बताए जा रहे हैं। यह हादसा सेक्टर नंबर पांच स्थित अन्नपूर्णा मार्ग पर पुराने रेलवे ब्रिज के नीचे बने शिविर में हुआ।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11 बजे शिव धर्मार्थ कल्याण संस्थान के शिविर में अचानक आग भड़क उठी। टेंट से धुआं निकलता देख ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने शोर मचाया। स्थानीय लोगों की मदद से शिविर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक टेंट में सो रहे मानस मिश्र गंभीर रूप से झुलस चुके थे।

मानस मिश्र को तत्काल एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि मानस झूंसी के एक निजी संस्थान में नौकरी करते थे। पिता के निधन के बाद वे अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे और मां केतकी तथा छोटे भाई अमन की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी।

परिजनों के अनुसार मानस मिश्र एसडीएम उमेश मिश्र के भतीजे थे। गुरुवार की रात वह घर लौटने के बजाय माघ मेला स्थित शिविर में ही रुक गए थे। गहरी नींद में होने के कारण उन्हें आग लगने का समय पर आभास नहीं हो सका और रात्रि विश्राम उनके लिए काल बन गया।

शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब मानस का शव गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। मां और भाई शव से लिपटकर रोते-बिलखते रहे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एसपी मेला नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि युवक की मौत आग से झुलसने के कारण हुई है। आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है।

गौरतलब है कि माघ मेला में बीते तीन दिनों के भीतर आग लगने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले भी दो घटनाओं में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई थी, जबकि मेला प्रशासन दीपक की लौ से आग लगने की बात कह रहा है। हैरानी की बात यह है कि गुरुवार रात जिस टेंट में आग लगी, उसे शुक्रवार सुबह होते-होते साफ करा दिया गया और मलबा भी हटवा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मेला प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

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