आवारा कुत्तों का आतंक: रोज 250 से ज्यादा लोग हो रहे शिकार
बाजार और कॉलोनियां भी असुरक्षित

जबलपुर,यशभारत। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों तक स्ट्रीट डॉग लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे हर दिन बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सरकारी अस्पतालों में रोजाना 250 से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिला अस्पताल में करीब 125, रांझी अस्पताल में लगभग 50 और मेडिकल अस्पताल में 75 से 80 मरीज प्रतिदिन रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा कई घायल निजी अस्पतालों में भी इलाज करा रहे हैं।
रांझी बना हॉटस्पॉट
रांझी क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। यहां बच्चों का घर के बाहर खेलना तक मुश्किल हो गया है। सुबह-शाम सड़क पर निकलना भी जोखिम भरा साबित हो रहा है। अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।
बाजार और कॉलोनियां भी असुरक्षित
निवाड़गंज, तिलक भूमि तलैया, गलगला और गुरंदी जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में भी कुत्तों का झुंड राहगीरों पर हमला कर रहा है। वहीं शास्त्री नगर, धनवंतरि नगर, शाहीनाका, गोकलपुर, रामपुर और गौरीघाट की कॉलोनियों में रात के समय दहशत का माहौल बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश बेअसर
सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया ने पहले ही नगरीय निकायों को आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए थे, लेकिन शहर में इन आदेशों का असर नजर नहीं आ रहा है। नगर निगम की कार्रवाई फिलहाल नाकाफी साबित हो रही है।
सड़क हादसों का भी खतरा
कई मामलों में अचानक कुत्तों के सामने आ जाने से वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। गढ़ा, अधारताल, संजीवनी नगर और सिविक सेंटर जैसे इलाकों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी के अनुसार, डॉग बाइट के सभी मामलों में रैबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं और ओपीडी के अलावा अन्य समय आने वाले मरीजों के लिए भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
कार्रवाई की मांग तेज
लगातार बढ़ते हमलों से परेशान शहरवासी नगर निगम से कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी और प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।







