श्रीनगर और केरल की तर्ज पर अब बड़ा तालाब में चलेगी शिकारा – कोलकाता स्पोर्ट क्लब ने तैयार कराई शिकारा, ट्रायल के बाद बैठ सकेंगे पर्यटक

श्रीनगर और केरल की तर्ज पर अब बड़ा तालाब में चलेगी शिकारा
– कोलकाता स्पोर्ट क्लब ने तैयार कराई शिकारा, ट्रायल के बाद बैठ सकेंगे पर्यटक
– एक साल पहले प्रयास विफल होने के बाद तैयार कराई गई अत्याधुनिक शिकारा
भोपाल यशभारत (आशीष दीक्षित)। प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटक अधिक से अधिक संख्या में पर्यटन स्थलों पर पहुंचे इसके लिए सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में अब राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब स्थित बोट क्लब में शिकारा चलाने की तैयारी की जा रही है। श्रीनगर की डल झील और केरल के बैक वॉटर इलाकों में शिकारा का संचालन किया जाता है। इसी तर्ज पर अब बड़ा तालाब में शिकार चलाने की तैयारी गई है। वर्ष 2024 में स्थानीय स्तर पर शिकारा को तैयार किया गया था ,लेकिन यह प्रयोग ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सका। इसके बाद मप्र पर्यटन बोर्ड ने अत्याधुनिक तरीके से शिकारा तैयार कराकर बड़ा तालाब में उतारने की तैयारी की है।
कोलकाता स्पोर्ट क्लब ने बनाई शिकारा
मप्र पर्यटन बोर्ड ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए शिकारा तैयार करने की जिम्मेदारी कोलकाता स्पोर्टस क्लब को सौंपी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोलकाता स्पोर्टस क्लब ने शिकारा तैयार कराई। एक सप्ताह पहले ही छह शिकारा बोट क्लब में लाई गई है। कोलकाता स्पोर्टस क्लब के मैनेजर अनिदेव ब्रम्हा ने बताया कि कुल दस शिकारा बोट क्लब में आनी है। चार बोट और लाई जा रही है इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। दो दिन के अंदर बाकी शिकारा भी भोपाल आ जाएंगी।
ट्रायल के बाद पर्यटक बैठ सकेंगे
अनिदेव ब्रम्हा ने बताया कि सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए विशेषज्ञों की देखरेख में शिकारा को तैयारा किया गया है। फाइवर बॉडी का उपयोग किया गया है। नीचे का बेस कोलकाता से लाया गया था बाकी इंस्टॉलेशन कार्य बोट क्ल्ब में ही मप्र पर्यटन बोर्ड की टीम के सामने किया गया। कैनओपी के साथ ही पर्दे भी लगाए गए हैँ। सबसे पहले कोलकाता स्पोर्टस क्लब के सदस्य इसका ट्रायल लेंगे। ट्रायल के दौरान यदि कोई कमी पाई जाती है उसे पूरा किया जाएगा। ट्रायल पूरी होने के बाद विधिवत रूप से इसे पर्यटकों के लिए उतार दिया जाएगा।
यह है शिकारा चलाने का उद्देश्य
बडृ तालाब में शिकारा चलाने का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है। दरअसल पहले बोट क्लब में क्रूज व जेटस्की व मोटर बोट का संचालन किया जाता था, इसे एनजीटी ने पर्यावरण को खतरा मानते हुए रोक लगा दी थी। इसके बाद शिकारा के संचालन की योजना वर्ष 2024 में तैयार की गई थी, लेकिन एक साल पहले इस योजना को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका था। स्थानीय मछुआरों की मदद से शिकारा तैयार कराई गई थी।
पर्यटक कर रहे थे शिकारा चलाने की मांग
बोट क्लब में शिकारा चलाने की मांग पर्यटक कई सालों से कर रहे थे। बड़ेे तालाब के खूबसूरत नजारे के बीच शिकारे का आनंद उठाने के लिए पर्यटक उत्साहित भी हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बोट क्लब में शिकारा चलाने से निश्चित तौर पर पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा। इससे आमदनी भी बढ़ेगी।
सुरक्षा का रखा जाएगा ध्यान
शिकारा में सैर करने वाले पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। लाइफ जैकेट के साथ ही लाइफ सेविंग बोट भी पूरे समय तैनात रहेगी।
पर्यटन को बढ़ावा देना है उद्देश्य
बोट क्लब बड़ा तालाब में पहली बार अब अत्याधुनिक शिकारा चलाने की तैयारी की जा रही है। कोलकाता के स्पोर्टस क्लब द्वारा दस शिकारा तैयार किए गए हैं। पर्यटकों की मांग के अनुरूप शिकारा का संचालन मप्र पर्यटन बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान भी रखा जाएग।
– अरविंद शर्मा, प्रबंधक, बोट क्लब भोपाल
ट्रायल के बाद पर्यटक घूम सकेंगे
शिकारा को बड़ा तालाब में उतारे के बाद सबसे पहले विशेषज्ञ व मै खुद ट्रायल लूंगा। उसके बाद पर्यटकों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिकारा को तैयार कराया गया है।
– अनिदेव ब्रम्हा, मैनेजर, कोलकाता स्पोर्ट क्लब







