ट्रिपल आईटी में ग्रामीण युवाओं की नौकरी पर संकट, समाजवादी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
पहले रोजगार का वादा, फिर 50-60 लोगों को नौकरी से निकाला

ट्रिपल आईटी में ग्रामीण युवाओं की नौकरी पर संकट, समाजवादी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
स्थानीय युवाओं का आरोप पहले रोजगार का वादा, फिर 50-60 लोगों को नौकरी से निकाला, डायरेक्टर से की बहाली की मांग
जबलपुर, यश भारत। जिले में स्थित ट्रिपल आईटी में स्थानीय युवाओं की नौकरी पर छाए संकट को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बुद्धवार को कॉलेज प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के समय प्रशासन ने 100 से 200 स्थानीय लोगों को रोजगार देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब बहाने बनाकर 50-60 युवाओं को नौकरी से निकाल दिया गया।

समाजवादी पार्टी के जिला कार्य समिति अध्यक्ष संत यादव ने बताया कि ट्रिपल आईटी बनने से पहले गांव में शराब, जुआ और अन्य आपराधिक गतिविधियां फैली हुई थीं। लेकिन युवाओं ने मिलकर एक टीम बनाई और गलत काम छोड़कर पढ़ाई-लिखाई व रोजगार की ओर कदम बढ़ाया। ट्रिपल आईटी प्रबंधन ने दसवीं पास युवाओं को काम देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद 50-60 युवाओं को नौकरी भी मिली। यादव का कहना है कि डेढ़ साल तक ये युवा ट्रिपल आईटी में सेवाएं देते रहे, लेकिन बाद में एक-एक कर सभी को बाहर कर दिया गया। अब महज 5 से 7 स्थानीय लोग ही यहां काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो गांव में फिर से आपराधिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, दिनेश चंद्र यादव ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान चारमुही भूमि सहित कई एकड़ जमीन पर ट्रिपल आईटी का निर्माण हुआ। ग्रामीणों ने सहयोग इस शर्त पर दिया था कि यहां के लोगों को प्राथमिकता से रोजगार मिलेगा, लेकिन अब उन्हें बाहर कर दिया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि अगली भर्ती में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। ज्ञापन सौंपने के बाद डायरेक्टर ने आश्वासन दिया कि भविष्य में यदि कोई भर्ती होती है तो स्थानीय लोगों को मौका दिया जाएगा और योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता से रखा जाएगा।







