वक्फ संपत्ति विवाद में बड़ा मोड़, 28.91 करोड़ की वसूली के बाद आपराधिक केस

वक्फ संपत्ति विवाद में बड़ा मोड़, 28.91 करोड़ की वसूली के बाद आपराधिक केस
– यतीमखाना शाहजहानी की संपत्ति और वित्तीय गतिविधियों में अनियमितताओं के आरोप, शाहजहानाबाद थाने में केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
भोपाल, यश भारत । ऐतिहासिक इदारा यतीमखाना शाहजहानी वाके मुत्तसिल मदरसा जहांगीरिया की वक्फ संपत्ति से जुड़े मामले में बड़ा मोड़ आया है। संपत्ति के प्रबंधन, स्वामित्व संबंधी दावों और वित्तीय गतिविधियों में कथित अनियमितताओं के मामले में मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की कार्रवाई के बाद अब पुलिस ने आपराधिक जांच शुरू कर दी है। 26 अगस्त 2026 को शाहजहानाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(2) के तहत FIR दर्ज की गई।
वक्फ बोर्ड के अनुसार, यतीमखाना शाहजहानी विधिवत वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है और शासकीय राजपत्र में प्रकाशित वक्फ सर्वे सूची में भी इसका उल्लेख है। संपत्ति के एक हिस्से में लंबे समय से दारुल शफकत सोसायटी, भोपाल द्वारा संस्था का संचालन किया जा रहा है।
2004 के बाद दस्तावेज और हिसाब देने में टालमटोल
बोर्ड के मुताबिक वर्ष 2004 तक संस्था की ओर से आवश्यक विवरण और लेखे प्रस्तुत किए जाते रहे। इसके बाद वक्फ अधिनियम के तहत जरूरी अभिलेख, आय-व्यय का ब्यौरा और प्रबंधन संबंधी जानकारी बोर्ड को उपलब्ध कराने में लगातार टालमटोल की गई। वक्फ संपत्ति के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के लिए बोर्ड ने समय-समय पर वैधानिक व्यवस्थाएं कीं, लेकिन संस्था द्वारा निर्धारित कानूनी अहर्ताएं पूरी नहीं किए जाने की बात सामने आई।
2023 में फिर शुरू हुई विस्तृत जांच
वर्ष 2023 में गठित वक्फ बोर्ड के संज्ञान में मामला आने के बाद प्रकरण की दोबारा विस्तृत जांच शुरू की गई। संस्था और संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर बोर्ड ने कार्रवाई आगे बढ़ाई।
अब पुलिस खंगालेगी वित्तीय लेन-देन
वक्फ बोर्ड की कार्रवाई के दौरान ₹28.91 करोड़ की वसूली का उल्लेख है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और अब FIR दर्ज होने से जांच आपराधिक स्तर पर पहुंच गई है। पुलिस दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।







