मप्र में बारिश ने तोड़े सारे रिकॉर्ड,
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में लगातार मध्यम से भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कें जलमग्न हो गई हैं और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पिछले 48 घंटों से जारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को जान बचाने के लिए घर छोडऩा पड़ा है। अब ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि कई डैमों के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों को चेतावनी भी जारी कर दी है। वहीं, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को दूसरे इलाके में जाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि, बारिश से खरीफ की फसल उगाने वाले किसानों को राहत मिली है। भोपाल स्थित भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में बारिश हुई है। राज्य के पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा 175.4 मिमी बारिश रायसेन जिले में दर्ज की गई। भोपाल स्थित मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसून की गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ सकती है, लेकिन 28 जुलाई से भारी बारिश की उम्मीद है। राज्य के उत्तरी इलाकों में 29 और 30 जुलाई को भारी बारिश की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले सावधान रहें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि अधिक बारिश की स्थिति में उत्पन्न होने वाले समस्याओं से बचने के लिए अपने लेवल पर भी सावधान रहें। विशेष रूप से बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है। बच्चे ज्यादा वॉटर लेवल और बहाव क्षेत्र की तरफ न जाएं। इसके साथ ही थंडर यानी की बिजली से भी सावधान रहना जरूरी है। वर्षा से बचने के लिए पेड़ की शरण न ली जाए, क्योंकि आकाशीय बिजली पेड़ों पर अधिक गिरती है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश अब तक औसत से 4त्न अधिक बारिश हो चुकी है। बरगी बांध के गेट खुलने से पानी का लेवल बढ़ेगा। सभी संबंधित जिलों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। वर्षा से प्रभावित सागर और कटनी जिले में राहत शिविर भी लगाए गए हैं। प्रदेश में मानसून एक्टिव है और अगले चार दिन में जहां पूरे प्रदेश में हल्की वर्षा का पूर्वानुमान बताया गया है। वहीं, 3 डिवीजन में अधिक वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।

समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश का लक्ष्य , वंदे मातरम गायन के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम कृषि कल्याण वर्ष 2026 कार्यशाला में विकास का रोडमैप तय सीएम डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कृषि, पशुपालन और तकनीक आधारित योजनाओं पर जोर, 55 जिलों के अधिकारी भोपाल में जुटे *भोपाल यश भारत।* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में अभ्युदय मध्यप्रदेश के तहत कृषि कल्याण वर्ष 2026 की राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन राजधानी भोपाल स्थित रविंद्र भवन में किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में प्रदेश के सभी संभागों और 55 जिलों से कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश के लक्ष्य को साकार करना रहा, जिसमें कृषि, पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य पालन और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान जैविक खेती, मिट्टी परीक्षण, ई-विकास प्रणाली और आधुनिक कृषि तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। *सीधे किसानों से जुड़ने का प्रयास करें अधिकारी* अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सीधे किसानों से जुड़कर योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाएं और संवाद को मजबूत करें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में रबी और खरीफ दोनों सीजन के लिए बेहतर तैयारी की जा रही है। उर्वरकों की उपलब्धता पर स्पष्ट किया गया कि डी ए पी , यूरिया और एन पी के सहित सभी उर्वरकों की प्रदेश में कोई कमी नहीं है। साथ ही दुष्प्रचार फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि गलत जानकारी से किसानों में भ्रम न फैलाएं। ई-विकास मॉडल बना मिसाल कार्यशाला में ई-विकास पहल को किसानों तक तकनीक आधारित सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया गया। जबलपुर, शाजापुर और विदिशा जिलों में इसका पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है जिसे अब पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। *किसानों को हर स्तर पर समर्थन* सरकार द्वारा किसानों को लोन, कृषि यंत्र, उन्नत बीज, उर्वरक, बिजली, सौर ऊर्जा, प्राकृतिक खेती और आपदा के समय मुआवजा जैसी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में लगभग 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित है जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके अलावा मार्केटिंग, सहकारिता, मछली पालन और पशुपालन को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी किसानों को जागरूक करें और नगदी फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करें। *चार राज्यस्तरीय कार्यशालाएं होंगी आयोजित* सरकार ने निर्णय लिया है कि वर्ष 2026 के दौरान चार राज्यस्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा ताकि योजनाओं की समीक्षा और सुधार लगातार जारी रहे। कुल मिलाकर यह कार्यशाला मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रही है जिसमें तकनीक, पारदर्शिता और किसानों से सीधा संवाद प्रमुख आधार बने हैं। संबंधित सभी मंत्रीगण विधायक और अधिकारी गण सम्मिलित रहे
April 30, 2026
भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर डिवीजन के कुछ जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इनमें भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इसके अलावा सागर डिवीजन में पन्ना और छतरपुर, रीवा डिवीजन में सतना जिले में भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है।